बिहार भोजपुर में कथित एनकाउंटर में युवक की मौत को लेकर सत्ता पक्ष के लोगों ने भी उठाए सवाल, जांच की मांग

बिहार  भोजपुर में कथित एनकाउंटर में युवक की मौत को लेकर सत्ता पक्ष के लोगों ने भी उठाए सवाल, जांच की मांग
बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में कथित रूप से पुलिस मुठभेड़ में एक युवक की मौत को लेकर क्षेत्र के लोग आक्रोशित हैं। इस बीच, सत्ता पक्ष के लोगों ने भी इस एनकाउंटर को लेकर सवाल उठाए हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने शनिवार को भोजपुर मुठभेड़ में युवक की मौत को लेकर कहा कि इस घटना को लेकर जो वीडियो सामने आई है, निश्चित रूप से संदेह पैदा करती है। राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है लेकिन यह काफी नहीं है।

पटना, 20 जून (आईएएनएस)। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में कथित रूप से पुलिस मुठभेड़ में एक युवक की मौत को लेकर क्षेत्र के लोग आक्रोशित हैं। इस बीच, सत्ता पक्ष के लोगों ने भी इस एनकाउंटर को लेकर सवाल उठाए हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने शनिवार को भोजपुर मुठभेड़ में युवक की मौत को लेकर कहा कि इस घटना को लेकर जो वीडियो सामने आई है, निश्चित रूप से संदेह पैदा करती है। राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है लेकिन यह काफी नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में सीनियर पदाधिकारी को जांच करनी चाहिए और समय सीमा के अंदर जो भी इस मामले में दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आगे अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सरकार जब कहती है कि कोई भी अपराधी नहीं बचेगा, तो पुलिस भी अगर कोई अपराध करती है, तो उसे बचना नहीं चाहिए।

उधर, कैमूर में बिहार के मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। अगर मृतक विक्षिप्त था और अंत में उसने अपना हथियार भी फेंक दिया था, तब वहां पुलिसकर्मियों ने किस परिस्थिति में एनकाउंटर किया, इसकी जांच होनी चाहिए और जांच कराई भी जाएगी। पुलिस के अनुसार, बुधवार को युवक भरत भूषण तिवारी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई।

इस दौरान युवक भरत भूषण तिवारी को गोली लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने घायल युवक को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां से बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों का कहना है कि युवक पर किसी प्रकार का पूर्व में आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और वह आत्मसमर्पण कर चुका था। इसके बाद पुलिस ने गोली मारी।

इस मामले में अब पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े अलग-अलग मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी है। एफआईआर में भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी को भी आरोपी बनाया गया है।

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Created On :   20 Jun 2026 3:21 PM IST

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