भाजपा सांसदों ने विपक्ष पर बिना वजह संसद की कार्यवाही बाधित करने और बहस से भागने का लगाया आरोप
नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र के दौरान भाजपा सांसदों ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया और झारखंड में जेपीएससी परीक्षा विवाद को लेकर कांग्रेस समर्थित राज्य सरकार की आलोचना की।
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि विपक्ष बिना किसी ठोस कारण के पिछले कई दिनों से संसद में हंगामा कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के विरोध में छात्र पिछले 13 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने अब तक प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत तक नहीं की है।
जगदंबिका पाल ने कहा कि विपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी झारखंड में छात्रों के आंदोलन पर चुप हैं। केंद्र सरकार ने छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता दिखाई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने छात्रों की मांगों पर चर्चा कर समाधान की दिशा में कदम उठाए हैं। विपक्ष जानबूझकर संसद की कार्यवाही नहीं चलने देना चाहता और बहस से बच रहा है।
भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि कोई सांसद या विपक्ष का नेता है, तो उसकी जिम्मेदारी है कि वह अपनी बात संसद के भीतर रिकॉर्ड पर रखे।
उन्होंने कहा कि बार-बार सड़कों पर प्रदर्शन करने के बजाय सदन के भीतर चर्चा करना लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है। उनके अनुसार, संसद में दिए गए वक्तव्य आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बनते हैं और वहीं सरकार तथा विपक्ष दोनों को अपने-अपने पक्ष रखने का अवसर मिलता है।
सुष्मिता देव ने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में अपने मुद्दों को लेकर गंभीर है तो उसे संसद के भीतर बहस में भाग लेना चाहिए। विपक्ष इस बात से बचता है क्योंकि चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष भी तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के नए सांसदों के साथ लगभग एक घंटे तक संवाद किया, उनके विचार सुने और उनकी चिंताओं पर चर्चा की। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
भाजपा सांसद संजय सेठ ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में हजारों छात्र पिछले 13 दिनों से धरने पर बैठे हैं और भूख हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री आवास से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर आंदोलन चलने के बावजूद सरकार का कोई प्रतिनिधि छात्रों से मिलने नहीं पहुंचा।
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने आरोप लगाया कि भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों को तिरपाल लगाने की अनुमति नहीं दी गई और बिजली तथा शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई गईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जेपीएससी भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं और कथित "जेपीएससी परीक्षा के लिए जमीन" घोटाले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराई जानी चाहिए। उनके अनुसार, झारखंड के छात्र और आम नागरिक इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
इस बीच, भाजपा सांसद अरुण गोविल ने भी विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष संसद में केवल प्लेकार्ड लेकर आता है और हंगामा करता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित करने का प्रयास कर रहा है, जो संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
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Created On :   5 Aug 2026 4:05 PM IST












