बीजेवाईएम की ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ 17 सितंबर से, देशभर से 1,000 से अधिक युवा सेवा यात्री होंगे शामिल

बीजेवाईएम की ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ 17 सितंबर से, देशभर से 1,000 से अधिक युवा सेवा यात्री होंगे शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के निरंतर जनसेवा एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को युवाओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) द्वारा ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलेगी और एक साथ दो दिशाओं—वडनगर से वाराणसी तथा वाराणसी से वडनगर—में प्रारंभ होगी। देशभर से 1,000 से अधिक युवा ‘सेवा यात्री’ के रूप में इस यात्रा में भाग लेंगे।

वाराणसी, 14 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के निरंतर जनसेवा एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को युवाओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) द्वारा ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलेगी और एक साथ दो दिशाओं—वडनगर से वाराणसी तथा वाराणसी से वडनगर—में प्रारंभ होगी। देशभर से 1,000 से अधिक युवा ‘सेवा यात्री’ के रूप में इस यात्रा में भाग लेंगे।

बीजेवाईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वडोदरा से लोकसभा सांसद डॉ. हेमांग जोशी ने कहा कि यह यात्रा केवल एक बाइक यात्रा नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा जीवन से प्रेरणा लेकर देश के युवाओं को सेवा, समाज और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है।

डॉ. हेमांग जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन देश के युवाओं के लिए सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की प्रेरणादायी यात्रा है। वाराणसी से वडनगर तक की यह सेवा यात्रा उसी जीवन दर्शन को युवा शक्ति के संकल्प में परिवर्तित करने का प्रयास है। हमारा उद्देश्य है कि देश का युवा केवल बदलाव का दर्शक नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सक्रिय सहभागी बने।

उन्होंने कहा कि वडनगर प्रधानमंत्री मोदी के संघर्ष, बचपन और प्रारंभिक जीवन की प्रेरणा का प्रतीक है, जबकि वाराणसी उनके वर्तमान लोकसभा क्षेत्र और जनसेवा के महत्वपूर्ण अध्याय का प्रतीक है। इन दोनों स्थानों को सेवा के माध्यम से जोड़ना मोदी की प्रेरणादायी जीवन यात्रा को युवा शक्ति के साथ जोड़ने का प्रतीक है।

डॉ. जोशी ने कहा कि तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, बिहार और पूर्वोत्तर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से युवा इस यात्रा में शामिल होंगे। अलग-अलग भाषाओं, क्षेत्रों और संस्कृतियों से आने वाले युवा एक साथ सेवा के मार्ग पर चलेंगे, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत करेगा।

यात्रा 20 अलग-अलग मार्गों से होकर गुजरेगी और इन मार्गों का नाम भारत की पवित्र नदियों के नाम पर रखा गया है। यह यात्रा 10 राज्यों, 193 जिलों, 773 तहसीलों और 1,159 गांवों से होकर गुजरेगी।

डॉ. हेमांग जोशी ने बताया कि यात्रा का प्रत्येक पड़ाव सेवा का अवसर बनेगा। लगभग 25 प्रकार की सेवा गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को समाज से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। इनमें वृक्षारोपण एवं सेवा वाटिका, स्वच्छता अभियान, नशा मुक्त भारत, टीबी मुक्त भारत, साधु-संत सम्मान, सफाई कर्मचारियों का सम्मान, जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त जागरूकता जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि हमारा संदेश स्पष्ट है—स्वागत फूल-मालाओं से नहीं, सेवा और स्वच्छता से होगा। इसी भावना के तहत ‘स्वच्छता से स्वागत’ पहल के अंतर्गत सेवा यात्रियों के पहुंचने से दो दिन पहले स्थानीय बीजेवाईएम कार्यकर्ताओं द्वारा संबंधित स्थान पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।

यात्रा की एक विशेष कड़ी के रूप में वडनगर से वाराणसी आने वाले सेवा यात्री गुजरात की पवित्र नदियों का जल लेकर काशी विश्वनाथ धाम में जलाभिषेक करेंगे। वहीं वाराणसी से वडनगर जाने वाले सेवा यात्री उत्तर प्रदेश की पवित्र नदियों का जल लेकर वडनगर के हाटकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। यह दोनों दिशाओं की यात्रा को आस्था, संस्कृति और सेवा की एक साझा कड़ी से जोड़ेगा।

डॉ. जोशी ने कहा कि भारत की नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और आस्था की जीवनधारा हैं। इसलिए जल को इस यात्रा का प्रतीक बनाकर देश की सांस्कृतिक एकता और सेवा के संकल्प को अभिव्यक्त किया गया है।

बीजेवाईएम राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जीवन से यह संदेश दिया है कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता नहीं, बल्कि समाज की सेवा और राष्ट्र निर्माण है। ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ इसी विचार को देश के युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। यह देश के प्रत्येक नागरिक और विशेषकर युवा शक्ति की जिम्मेदारी है। पीएम मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा से प्रेरणा लेकर हम चाहते हैं कि देश का हर युवा अपने क्षेत्र में सेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाए और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाए।

‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ का संदेश है, प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा जीवन से प्रेरणा लेकर देश का युवा सेवा के मार्ग पर आगे बढ़े और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाए।

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Created On :   14 Sept 2026 7:20 PM IST

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