बुमराह का इस टीम में महत्व बहुत ज्यादा, अय्यर भारत की कप्तानी करते हुए दबाव से बच नहीं सकते विवेक राजदान
नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज विवेक राजदान का मानना है कि अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज जसप्रीत बुमराह के लिए काफी अहम होगी। बुमराह हाल ही में बाएं घुटने की चोट से उबरकर वापसी कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने श्रेयस अय्यर की कप्तानी को लेकर भी बात की।
राजदान ने कहा कि यह सीरीज बुमराह को मैच की लय और फिटनेस वापस हासिल करने का अच्छा मौका देगी। 95 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में बुमराह ने अब तक कुल 121 विकेट निकाले हैं। उन्होंने भारत को दो टी20 विश्व कप जिताने में भी अहम भूमिका निभाई है। 2024 में हुए टी20 विश्व कप में बुमराह 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' भी रहे थे। वहीं, टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में वह 'प्लेयर ऑफ द मैच' रहे थे।
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा वनडे और श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट मैच न खेल पाने के बाद बुमराह की वापसी भारत के लिए राहत भरी खबर है। विवेक राजदान ने सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क द्वारा आयोजित एक वर्चुअल बातचीत में 'आईएएनएस' से कहा, "बुमराह की वापसी बहुत बड़ी खबर है और हमेशा रहेगी, क्योंकि आप उस खिलाड़ी को समझने की कोशिश करें जिसके बारे में बात हो रही है। वह एक 'मैच विनर' और 'इम्पैक्ट प्लेयर' हैं, जिनमें अकेले दम पर मैच जिताने की काबिलियत है। इसी वजह से यह बहुत बड़ी खबर है।"
राजदान ने आगे कहा, "जब आप पूरी तरह फिट होकर वापसी करते हैं, तो सबसे छोटे फॉर्मेट को चुनना बेहतर होता है, क्योंकि आपको इसके लिए समय मिल जाता है। आपके पास 4 ओवर होते हैं और आप 2 स्पेल में गेंदबाजी कर सकते हैं। इसी कारण आपके लिए लय वापस पाना आसान होता है। अगर आप चोट से वापसी करते हैं और सबसे लंबे फॉर्मेट से खेलना शुरू करते हैं, तो दोबारा चोट लगने की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए, चोट से उबरने और पूरी तरह फिट व स्वस्थ होने के बाद जिस सबसे छोटे फॉर्मेट की सीरीज में वह वापसी कर रहे हैं, मुझे लगता है कि लंबे समय में यह उनके लिए बेहतर होगा। मैंने जैसा कहा कि इस टीम में जसप्रीत बुमराह का बहुत बड़ा महत्व है।"
टी20 इंटरनेशनल कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर के प्रदर्शन की बात करें तो जून में कप्तानी संभालने के बाद से वह 10 मैचों में सिर्फ तीन मुकाबलों में ही टीम को जीत दिला सके हैं। अय्यर की कप्तानी को लेकर पूर्व भारतीय गेंदबाज ने चेतावनी दी कि भारत की कप्तानी करने के साथ देश की बहुत बड़ी उम्मीदें जुड़ी होती हैं, खासकर पिछले कप्तानों द्वारा तय किए गए बेंचमार्क को देखते हुए।
उन्होंने कहा, "श्रेयस अय्यर की कप्तानी के बारे में मैं यह कहना चाहता हूं कि जब आप भारत की कप्तानी करने के बारे में सोचते हैं, तो दबाव न होना मुमकिन नहीं है। ये दोनों बातें बिल्कुल अलग हैं। अगर आप भारतीय टीम की कप्तानी करना चाहते हैं, तो आप पर देश के 140 करोड़ से अधिक लोगों की उम्मीदों का बोझ होता है। वह दबाव हमेशा आप पर रहेगा, और आप उससे भाग नहीं सकते। एक और बात ध्यान देने वाली है कि वह तब कप्तान बने जब उनसे पहले कप्तान रहे सूर्यकुमार यादव ने टी20 वर्ल्ड कप जीता था। इसी वजह से तुलना हमेशा होगी और इससे बचा नहीं जा सकता। श्रेयस ने आईपीएल के जरिए टीम को लीड करने की अपनी काबिलियत पहले ही दिखा दी है। मुझे लगता है और उम्मीद है कि जैसे-जैसे वह आगे बढ़ेंगे और इसमें बेहतर होते जाएंगे, वह कुछ रणनीतिक बदलाव भी करेंगे।"
विवेक राजदान ने आगे कहा, "जब टीम अच्छा खेलती है और हर खिलाड़ी अपनी साख और काबिलियत के हिसाब से खेलता है, तो कप्तान का काम आसान हो जाता है। कप्तान की मुश्किलें तब बढ़ती हैं जब टीम अच्छा नहीं खेलती और खिलाड़ी अपनी लय में नहीं होते। अफगानिस्तान सीरीज मुश्किल होगी और एशियन गेम्स भी एक बड़ी चुनौती पेश करेगा। मुझे उम्मीद है कि एक बार जब टीम उनकी कप्तानी में लगातार जीतना शुरू कर देगी, तो आप पुराने नतीजों को खुद-ब-खुद भूल जाएंगे।"
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Created On :   12 Sept 2026 5:08 PM IST












