छत्तीसगढ़ बीजापुर में आत्मसमर्पित 85 माओवादियों ने दी साक्षरता परीक्षा, मुख्यधारा से जुड़ने की पहल

छत्तीसगढ़ बीजापुर में आत्मसमर्पित 85 माओवादियों ने दी साक्षरता परीक्षा, मुख्यधारा से जुड़ने की पहल
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। जिला पुलिस की ओर से रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 85 आत्मसमर्पित माओवादी कैडर्स ने 'बुनियादी साक्षरता' परीक्षा में हिस्सा लिया।

बीजापुर, 22 मार्च (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। जिला पुलिस की ओर से रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 85 आत्मसमर्पित माओवादी कैडर्स ने 'बुनियादी साक्षरता' परीक्षा में हिस्सा लिया।

यह पहल उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत की जा रही है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप संचालित है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाना है, जो अब तक औपचारिक शिक्षा से वंचित रहे हैं, खासकर वे जो नक्सल गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इससे पहले 272 आत्मसमर्पित नक्सली इस बुनियादी साक्षरता प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं और अब सामान्य नागरिक की तरह जीवन यापन कर रहे हैं। इसी क्रम में अब 85 अन्य कैडर्स ने प्रशिक्षण पूरा करने के बाद परीक्षा दी है। इन सभी को 'नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति' के तहत मिलने वाली सहायता, रोजगार मूलक प्रशिक्षण और पुनर्वास के सभी लाभ दिए जा रहे हैं।

इस पहल को नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत लागू किया जा रहा है। इस नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को न केवल आर्थिक सहायता और पुनर्वास सुविधाएं दी जाती हैं, बल्कि उन्हें रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण और शिक्षा के अवसर भी उपलब्ध कराए जाते हैं।

जिला पुलिस और प्रशासन का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य भटके हुए युवाओं को हिंसा के रास्ते से हटाकर शिक्षा और विकास की ओर प्रेरित करना, उनके हाथों में कलम देना है। अधिकारियों के मुताबिक, शिक्षा के माध्यम से इन युवाओं के हाथों में हथियार की जगह कलम देकर उन्हें आत्मनिर्भर और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनाया जा रहा है।

बीजापुर पुलिस ने जिले में सक्रिय माओवादियों से अपील की है कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर आत्मसमर्पण करें और शासन की पुनर्वास नीति का लाभ उठाते हुए एक शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत करें।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   22 March 2026 6:56 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story