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इंटरव्यू: कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा - हर व्यक्ति को दूसरे राज्य की एक भाषा जरूर सीखनी चाहिए, अगला विश्व हिंदी सम्मलेन उपराजधानी में हो

Nagpur News. अगला विश्व हिंदी सम्मेलन नागपुर में हो, इसलिए मैं प्रयत्न कर रही हूं, जिसके लिए मैंने सुझाव भी दिया है। ऐसी जानकारी महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने दैनिक भास्कर कार्यालय में इंटरव्यू के दौरान दी। उन्होंने बताया कि विश्व हिंदी सम्मलेन की 4 सदस्यीय चयन समिति में शामिल रहते हुए वे लगातार नागपुर का नाम आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भारत में हर व्यक्ति को कम से कम दूसरे राज्य की एक भाषा सीखनी चाहिए, तभी भारतीय संस्कृति को हम विश्व स्तर पर एक परिवार के रूप में रख पाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारतीय भाषाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। यदि कोई भारतीय भाषाओं में अध्ययन करना चाहता है, तो विश्व विद्यालय उसके लिए तैयार है।
भाषा, संस्कृति और साहित्य का संबंध :प्रो. शर्मा ने आगे बताया कि अंग्रेजी को श्रेष्ठ मानने की मानसिकता बदलनी चाहिए। भारतीय भाषाओं में भी समान शक्ति और अभिव्यक्ति की क्षमता है। भारतीय भाषा परिवार केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा का वाहक भी है। भारतीय भाषा परिवार में 3 चीजें हैं भारतीयता-सांस्कृतिक ढांचा, भाषा-संस्कृति, परिवार-जुड़ाव जो जगह-जगह जाकर जागरूक कर रहे हैं। भारतीय इतिहास देखें, तो अच्छे लिटरेचर जो आए हैं वो वैदिक साहित्य की निरंतरता में आने चाहिए। हिंदी ने विभिन्न भाषाओं के शब्दों को अपनाया है, जो उसकी ताकत है।
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विवि की विशेष पहचान
प्रो. शर्मा ने बताया कि वर्धा स्थित हिंदी विश्वविद्यालय की प्रकृति अलग है। इसका उद्देश्य केवल भाषा सिखाना नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, साहित्य और मूल्यों को विश्व तक पहुंचाना है। इसी विशिष्टता को और मजबूत करना उनका प्रमुख लक्ष्य है। अंत में उन्होंने कहा कि मीडिया को समाज में सकारात्मक और अच्छी बातों को बढ़ावा देना चाहिए। विश्वविद्यालय में शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्राथमिकता देते हुए लगातार बेहतर कार्य किए जा रहे हैं।
Created On :   22 March 2026 7:24 PM IST













