मेडिकल हब: अब नागपुर में होगी लीवर की जटिल से जटिल सर्जरी, अत्याधुनिक सर्जिकल सुविधा के लिए एम्स ने उठाया बड़ा कदम

अब नागपुर में होगी लीवर की जटिल से जटिल सर्जरी, अत्याधुनिक सर्जिकल सुविधा के लिए एम्स ने उठाया बड़ा कदम
  • एम्स में सीएसआर फंड से शुरू होगी अत्याधुनिक सर्जिकल सुविधा
  • नागपुर में ही उपलब्ध होंगी लीवर व गैस्ट्रो की जटिल सर्जरी सेवाएं

Nagpur News. विदर्भ के मरीजों को अब जटिल लीवर और गैस्ट्रो सर्जरी के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नागपुर में ही इन अत्याधुनिक सर्जरी सेवाओं की शुरुआत होने जा रही है। यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल) के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) सहयोग से लीवर ट्रांसप्लांट और हेपेटो-पैंक्रियाटो-बिलियरी (एचपीबी) सर्जरी की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

1.35 करोड़ से खरीदे जाएंगे आधुनिक उपकरण

एम्स नागपुर और वाईआईएल के बीच इस संबंध में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। समझौते के तहत सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, जटिल एचपीबी सर्जरी और लीवर ट्रांसप्लांट सेवाओं को सशक्त किया जाएगा। इसके लिए वाईआईएल द्वारा 1.35 करोड़ रुपए की निधि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण खरीदे जाएंगे। इससे यकृत, अग्न्याशय और पित्त संबंधी जटिल रोगों के उपचार की गुणवत्ता और सटीकता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

समग्र लिवर ट्रांसप्लांट कार्यक्रम की ओर अहम कदम

यह एमओयू कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. प्रशांत पी. जोशी और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. निलेश नागदेवे की उपस्थिति में संपन्न हुआ। सीएसआर पहल का समन्वय संयुक्त चिकित्सा अधीक्षक एवं सीएसआर नोडल अधिकारी डॉ. नितिन मराठे ने किया।

इस अवसर पर यंत्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के कार्यकारी निदेशक शिशिर खरे, सहायक कार्य प्रबंधक प्रदीप कुमार सिंह तथा सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रभारी डॉ. निर्झर राज सहित एम्स नागपुर के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

यह पहल समग्र लिवर ट्रांसप्लांट कार्यक्रम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे विदर्भ क्षेत्र के मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही उन्नत, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा।

Created On :   22 March 2026 8:08 PM IST

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