छत्तीसगढ़ पीएम सूर्य घर योजना से बदली ग्रामीण की जिंदगी, सोलर सिस्टम लगने के बाद बिजली बिल हुआ जीरो
गरियाबंद, 7 जून (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के ग्राम कुम्हारमारा निवासी हेमंत ध्रुव भी इस योजना के लाभार्थियों में शामिल हैं। उनका कहना है कि योजना के तहत घर की छत पर सोलर सिस्टम लगने के बाद उन्हें हर महीने बिजली बिल भरने की चिंता से पूरी तरह राहत मिल गई है।
पहले जहां उन्हें हर माह दो से तीन हजार रुपये तक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था, वहीं अब उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।
हेमंत ध्रुव ने आईएएनएस से बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर की छत पर 3 किलोवॉट क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित कराया है। यह सिस्टम जनवरी में लगाया गया था और इसे संचालित हुए लगभग छह महीने हो चुके हैं। इस अवधि में उन्हें बिजली बिल के रूप में कोई राशि जमा नहीं करनी पड़ी है। इससे उनके परिवार के मासिक खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है और आर्थिक बचत भी बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि पहले हर महीने बिजली बिल जमा करना एक बड़ी परेशानी थी। घरेलू जरूरतों के साथ-साथ खेती और अन्य खर्चों के बीच बिजली बिल का भुगतान अतिरिक्त बोझ बन जाता था। लेकिन अब सोलर ऊर्जा के उपयोग से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है। उनके अनुसार, योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि घर की जरूरतों के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध होने के साथ-साथ अतिरिक्त बिजली उत्पादन की भी संभावना रहती है।
लाभार्थी ने बताया कि सोलर सिस्टम से उत्पन्न बिजली का पूरा उपयोग नहीं होने पर बची हुई बिजली ग्रिड में भेजी जाती है। इसके बदले बिजली विभाग की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत भुगतान भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल बिजली बिल खत्म हुआ है, बल्कि भविष्य में अतिरिक्त आय प्राप्त होने की संभावना भी बनी है। इस कारण यह योजना आम लोगों के लिए दोहरा लाभ देने वाली साबित हो रही है।
हेमंत ध्रुव ने सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत सरकार 1.08 लाख रुपए तक की सब्सिडी उपलब्ध करा रही है, जिससे सोलर सिस्टम लगवाने की लागत काफी कम हो जाती है। उनका मानना है कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को उठाना चाहिए, क्योंकि इससे बिजली पर होने वाला खर्च कम होता है और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलता है।
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Created On :   7 Jun 2026 11:49 PM IST












