चीन दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जन व्यापार बाजार बना

चीन दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन उत्सर्जन व्यापार बाजार बना
आज यानी 16 जुलाई को चीन के कार्बन उत्सर्जन व्यापार बाजार को 5 साल पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर चीनी पर्यावरण मंत्रालय ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में चीन का कार्बन बाजार दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन बाजार बन गया है, जिसने उद्योगों में कार्बन कटौती और समग्र उत्सर्जन कटौती लागत को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बीजिंग, 16 जुलाई (आईएएनएस)। आज यानी 16 जुलाई को चीन के कार्बन उत्सर्जन व्यापार बाजार को 5 साल पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर चीनी पर्यावरण मंत्रालय ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में चीन का कार्बन बाजार दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन बाजार बन गया है, जिसने उद्योगों में कार्बन कटौती और समग्र उत्सर्जन कटौती लागत को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जानकारी के अनुसार, इस वर्ष जून तक, राष्ट्रीय कार्बन उत्सर्जन व्यापार बाजार में संचयी कोटा व्यापार 91 करोड़ 70 लाख टन से अधिक हो गया है, जिसका मूल्य 61 अरब 70 करोड़ युआन से अधिक है। 2026 की पहली छमाही में व्यापार की मात्रा 5 करोड़ 29 लाख 60 हजार टन थी, जो 2025 की पहली छमाही की तुलना में लगभग 37 प्रतिशत अधिक है।

पर्यावरण मंत्रालय के जलवायु परिवर्तन विभाग के उप निदेशक लू शित्से के अनुसार, '14वीं पंचवर्षीय योजना' (2021-2025) के दौरान, अकेले बिजली क्षेत्र ने कार्बन बाजार के माध्यम से 53 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन कम किया। लगभग 80 प्रतिशत उद्यमों ने अपनी कार्बन तीव्रता में कमी हासिल की। पिछले तीन वर्षों में, 200 से अधिक पुरानी छोटी बिजली इकाइयों को बंद कर दिया गया है, और सौर तापीय बिजली, हरित हाइड्रोजन जैसी नई कार्बन कटौती वाली परियोजनाओं को बढ़ावा दिया गया है।

बता दें कि 1 जुलाई 2021 को चीन का कार्बन उत्सर्जन व्यापार बाजार आधिकारिक रूप से शुरू हुआ था। पिछले 5 वर्षों में, इसमें शामिल प्रमुख उत्सर्जन इकाइयां 2,162 बिजली संयंत्रों से बढ़कर 3,378 स्टील, सीमेंट और एल्यूमीनियम गलाने वाले उद्यमों तक पहुंच गई हैं, जो लगभग 8 अरब 30 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कवर करती हैं, यह अनुपात देश के कुल उत्सर्जन का 65 फीसदी से अधिक है।

लू शित्से ने जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2027 तक, चीन उद्योग क्षेत्र में सभी प्रमुख उत्सर्जक क्षेत्रों को कवर कर लेगा, ताकि कार्बन मूल्य वास्तव में कटौती लागत को प्रतिबिंबित कर सके।

उच्च उत्सर्जन का मतलब है अधिक लागत, जबकि कम कार्बन परिवर्तन से लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य '15वीं पंचवर्षीय योजना' (2026-2030) के दौरान कवर किए गए उद्योगों में प्रति उत्पाद इकाई कार्बन उत्सर्जन को 3 प्रतिशत कम करना है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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Created On :   16 July 2026 8:03 PM IST

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