सीजेपी कांग्रेस के इशारे पर कर रही प्रदर्शन भाजपा

सीजेपी कांग्रेस के इशारे पर कर रही प्रदर्शन  भाजपा
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में सीजेपी द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने इस प्रदर्शन को अराजक बताया है, तो वहीं सीजेपी ने कहा है कि वे अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं।

मुंबई, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में सीजेपी द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने इस प्रदर्शन को अराजक बताया है, तो वहीं सीजेपी ने कहा है कि वे अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इस पर भाजपा नेता राम कदम ने आईएएनएस से कहा, "लोकतंत्र में हर दल को आंदोलन करने का अधिकार है। शिवाजी पार्क का मैदान चुनकर क्या सीजेपी लोगों को परेशान करना चाहती है, क्योंकि वहां बगल में ही अस्पताल है। क्या वे मरीजों को तकलीफ पहुंचाना चाहते हैं? क्या मंशा है उनकी? आंदोलन करने की कई और जगह हैं।"

उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी कांग्रेस के इशारे पर यह प्रदर्शन कर रही है। बिना प्रमाण के ये देश की संवैधानिक संस्था को बदनाम करना चाहते हैं।

वहीं महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने सीजेपी के प्रदर्शन पर कहा, "मैं आपको फिर से बता रहा हूं कि यह विरोध प्रदर्शन नहीं है, यह एक अराजक आंदोलन है। यह अब एक राजनीतिक पार्टी बन गई है। अगर यह राजनीतिक पार्टी अपने दम पर अपनी राजनीति करती, तो कोई समस्या नहीं होती। लेकिन जिस तरह से एक-एक करके सभी संवैधानिक पदों को चुनौती दी जा रही है, भारत के आम लोगों को यह समझने की जरूरत है कि इसके बाद क्या हो सकता है।"

दूसरी तरफ सीजेपी नेता प्रणय अहीर ने कहा, "आम नागरिक के तौर पर हमें इजाजत लेने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। लेकिन कुछ सत्ताधारी राजनीतिक दलों को सेकेंडों में इजाजत मिल जाती है। आपने देखा होगा कि भाजपा ने यहां कितने कार्यक्रम किए हैं। उन्हें इजाजत कैसे मिल जाती है? हम अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, फिर भी हमें इस बुनियादी चीज के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।"

बता दें कि सीजेपी मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि ज्ञानेश कुमार देश के लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा हैं। उन्होंने कहा था, "मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद सरकार तय कर रही है कि किसे वोट देने की अनुमति होगी और किसे नहीं। क्या ऐसी व्यवस्था को लोकतंत्र कहा जा सकता है।"

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Created On :   2 Oct 2026 1:27 PM IST

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