दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के हमले में आईडीएफ सैनिक की मौत, पीएम नेतन्याहू ने जताया दुख

दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के हमले में आईडीएफ सैनिक की मौत, पीएम नेतन्याहू ने जताया दुख
इजरायल डिफेंस फोर्स लगातार दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रहा है। इस बीच आईडीएफ ने रविवार सुबह बताया कि शुक्रवार और शनिवार की रात दक्षिणी लेबनान में सैनिकों पर हिज्बुल्लाह के रॉकेट हमले में इजरायल डिफेंस फोर्स का एक सार्जेंट मारा गया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सैनिक की मौत पर दुख जताया है।

तेल अवीव, 29 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल डिफेंस फोर्स लगातार दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रहा है। इस बीच आईडीएफ ने रविवार सुबह बताया कि शुक्रवार और शनिवार की रात दक्षिणी लेबनान में सैनिकों पर हिज्बुल्लाह के रॉकेट हमले में इजरायल डिफेंस फोर्स का एक सार्जेंट मारा गया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सैनिक की मौत पर दुख जताया है।

पैराट्रूपर्स ब्रिगेड की 890वीं बटालियन के 22 साल के सार्जेंट मोशे यित्जचक काट्ज, कनेक्टिकट के न्यू हेवन में चबाड कम्युनिटी के सदस्य थे। काट्ज के पिता मेंडी ने फेसबुक पर लिखा, “मेरा बड़ा बेटा, जो जीवन के प्रति उत्साह और हंसी-मजाक से भरा था, मेरा दिल टूट गया है और यह दर्द बेहद गहरा है।”

वहीं इजरायली पीएम ने सैनिक की मौत पर दुख जताते हुए कहा, “मेरी पत्नी और मैं लेबनान में लड़ाई में शहीद हुए सार्जेंट मोशे यित्जाक हाकोहेन काट्ज के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। मोशे, जिनकी यादें हमेशा रहेंगी, अमेरिका से इजरायल आए थे, पैराट्रूपर्स ब्रिगेड में भर्ती हुए और देश की रक्षा के लिए बहादुरी से लड़े। इजरायल के सभी नागरिकों की ओर से हम मोशे के परिवार को इस मुश्किल समय में गले लगाते हैं और उसी घटना में घायल हुए हमारे लड़ाकों के जल्दी और पूरी तरह ठीक होने की कामना करते हैं। उनकी यादें हमेशा आशीर्वाद बनी रहें

इजरायली मीडिया, द टाइम्स ऑफ इजरायल, के अनुसार, सेना ने बताया कि काट्ज की मौत वाले हमले में तीन और सैनिक मामूली रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया।

इजरायली मीडिया की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, फैमिली फ्रेंड एली रस्किन ने कान पब्लिक रेडियो को बताया मोशे यित्जचक काट्ज अपनी बहन के नक्शेकदम पर चलते हुए, अकेले सैनिक के तौर पर आईडीएफ में सेवा करने के लिए अकेले इजरायल आए थे।

काट्ज के माता-पिता, मेंडी और देवोरा, इस महीने की शुरुआत में अपने बेटे से मिलने इजरायल गए थे और 28 फरवरी को ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद वे अमेरिका वापस आ गए।

मोशे यित्जचक काट्ज को इस हफ्ते पासओवर की छुट्टी पर अपने माता-पिता के पास जाना था, लेकिन उन्होंने अपनी यूनिट के साथ लड़ने के लिए इजरायल में ही रहने का फैसला किया था।

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Created On :   29 March 2026 2:47 PM IST

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