दिल्ली की हवा फिर बिगड़ी, एक्यूआई 261 पहुंचा

दिल्ली की हवा फिर बिगड़ी, एक्यूआई 261 पहुंचा
कुछ दिन पहले तक बारिश के कारण साफ हुई दिल्ली की हवा एक बार फिर खराब हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दैनिक एयर क्वालिटी बुलेटिन के अनुसार, रविवार शाम तक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़कर 261 पहुंच गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है।

नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। कुछ दिन पहले तक बारिश के कारण साफ हुई दिल्ली की हवा एक बार फिर खराब हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दैनिक एयर क्वालिटी बुलेटिन के अनुसार, रविवार शाम तक दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़कर 261 पहुंच गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उप-समिति ने रविवार शाम 4 बजे बैठक कर दिल्ली-एनसीआर की मौजूदा वायु गुणवत्ता और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) तथा भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के पूर्वानुमान की समीक्षा की।

बैठक में बताया गया कि वायु गुणवत्ता में आई गिरावट का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से आई खनिज धूल (ट्रांसबाउंड्री मिनरल डस्ट) है। यह धूल अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान के पास उत्पन्न हुए धूल भरे तूफान के कारण उत्तर-पश्चिम भारत, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर तक पहुंची है, जिससे वातावरण में पीएम-10 कणों की मात्रा काफी बढ़ गई है।

इसके अलावा, उत्तर भारत के इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों, जिनमें दिल्ली-एनसीआर भी शामिल है, में तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे धूल का असर और बढ़ गया है।

सीएक्यूएम ने कहा कि फिलहाल दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में रहने की संभावना है, लेकिन अगले दो दिनों में सीमा पार से आ रही धूल का प्रभाव कम होने के साथ हवा में सुधार आने की उम्मीद है।

इसी वजह से उप-समिति ने फिलहाल ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) के पहले चरण को लागू नहीं करने का फैसला किया है। हालांकि, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को जमीनी स्तर पर धूल नियंत्रण के उपाय और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएक्यूएम ने कहा कि वह दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर लगातार नजर रखेगा और आईएमडी तथा आईआईटीएम के ताजा पूर्वानुमानों के आधार पर समय-समय पर स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लेगा।

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ही आयोग ने जानकारी दी थी कि 9 जुलाई को दिल्ली का दैनिक औसत एक्यूआई 48 दर्ज किया गया था, जो वर्ष 2026 का पहला 'अच्छा' वायु गुणवत्ता दिवस था। यह सितंबर 2023 के बाद पहली बार था जब दिल्ली की हवा 'गुड' श्रेणी में पहुंची थी। उस समय लगातार बारिश के कारण राजधानी की हवा में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला था।

इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार, भारी बारिश के कारण जलभराव, दृश्यता कम होने, यातायात बाधित होने और निचले इलाकों में स्थानीय बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। लोगों से मौसम संबंधी ताजा सलाह का पालन करने और आंधी-तूफान व भारी बारिश के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।

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Created On :   12 July 2026 9:11 PM IST

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