दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में ढाका 15वें स्थान पर, युगांडा की ये जगह लिस्ट में सबसे ऊपर

दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में ढाका 15वें स्थान पर, युगांडा की ये जगह लिस्ट में सबसे ऊपर
ढाका रविवार सुबह 9:18 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) स्कोर 95 दर्ज करने के साथ दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में 15वें स्थान पर रहा।

ढाका, 9 अगस्त (आईएएनएस)। ढाका रविवार सुबह 9:18 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) स्कोर 95 दर्ज करने के साथ दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में 15वें स्थान पर रहा।

इससे पहले 1 अगस्त को ढाका की एयर क्वालिटी ठीक-ठाक रही। एयर क्वालिटी इंडेक्स 86 रहा। एक्यूआई स्केल के मुताबिक, सुबह 9:35 बजे राजधानी दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में 18वें नंबर पर थी।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो का किंशासा, युगांडा का कंपाला, इंडोनेशिया का जकार्ता लिस्ट में पहले तीन नंबर पर रहे, जिनका एक्यूआई स्कोर क्रमशः 188, 173 और 149 रहा।

एक्यूआई पैमाने के अनुसार, शहर की हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में थी। इससे बेहद कम संख्या में असामान्य रूप से संवेदनशील लोगों, जैसे अस्थमा, हृदय रोग वाले या बुजुर्गों, के लिए स्वास्थ्य को लेकर मामूली चिंता है।

इसके अलावा, युगांडा की राजधानी कंपाला 185 एक्यूआई स्कोर के साथ दुनिया में सबसे खराब हवा वाले शहरों की सूची में सबसे ऊपर रही। इसके बाद मलेशिया का कुचिंग और इंडोनेशिया का जकार्ता रहा, जिनका स्कोर 161 रहा।

बहरीन की राजधानी मनामा 156 एक्यूआई स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रही। एक्यूआई मानकों के अनुसार, 101 से 150 के बीच का रीडिंग 'संवेदनशील समूहों के लिए अस्वास्थ्यकर', 151 से 200 'अस्वास्थ्यकर', 201 से 300 'बहुत अस्वास्थ्यकर' माना जाता है। वहीं, 301 से ऊपर का स्तर 'खतरनाक' माना जाता है, जो गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है।

एक्यूआई यह बताता है कि हवा कितनी साफ या प्रदूषित है और सेहत पर पड़ने वाले असर को दिखाता है। बांग्लादेश में एक्यूआई की गिनती पांच मुख्य प्रदूषकों के आधार पर की जाती है: पार्टिकुलेट मैटर (पीएम10 और पीएम2.5), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और ओजोन।

ढाका लंबे समय से वायु प्रदूषण से जूझ रहा है। सर्दियों में एयर क्वालिटी आमतौर पर खराब हो जाती है, और मानसून के मौसम में बेहतर हो जाती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि वायु प्रदूषण की वजह से दुनिया भर में हर साल लगभग 70 लाख मौतें होती हैं, जिनमें मुख्य रूप से स्ट्रोक, दिल की बीमारी, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, फेफड़ों का कैंसर और एक्यूट रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन शामिल हैं।

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Created On :   9 Aug 2026 5:34 PM IST

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