गौतमबुद्धनगर में एलपीजी के दुरुपयोग और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई, अवैध रिफिलिंग पर कसा शिकंजा

गौतमबुद्धनगर में एलपीजी के दुरुपयोग और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई, अवैध रिफिलिंग पर कसा शिकंजा
जनपद गौतमबुद्धनगर में एलपीजी गैस के व्यावसायिक उपयोग, कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले भर में व्यापक स्तर पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिससे गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा हो।

गौतमबुद्धनगर, 19 मार्च (आईएएनएस)। जनपद गौतमबुद्धनगर में एलपीजी गैस के व्यावसायिक उपयोग, कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले भर में व्यापक स्तर पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिससे गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा हो।

इस अभियान के तहत संबंधित उपजिलाधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में संयुक्त टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में बांट माप विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इनका मुख्य उद्देश्य एलपीजी गैस के अवैध उपयोग, भंडारण और रिफिलिंग पर रोक लगाना है।

जिला पूर्ति अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि गठित टीमों ने हाल ही में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया। इसी क्रम में कासना क्षेत्र स्थित एक गैस एजेंसी के गोदाम पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान गोदाम में कई अनियमितताएं सामने आईं। मौके पर इण्डेन कंपनी के 8 भरे हुए घरेलू गैस सिलेंडर बिना सील के पाए गए, जो सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।

इसके अलावा एक 10 किलोग्राम का आधा भरा घरेलू सिलेंडर और 4 खाली सिलेंडर भी बरामद किए गए। कुल मिलाकर 13 सिलेंडर संदिग्ध स्थिति में पाए गए। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह गतिविधियां द्रवित पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) आदेश-2000 के प्रावधानों का उल्लंघन हैं।

इस मामले में संबंधित व्यक्तियों—कन्हैया लाल, योगेश, नरेंद्र एवं अन्य के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत थाना बीटा-2 में मुकदमा दर्ज कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि एलपीजी गैस का घरेलू उपयोग के बजाय व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आम उपभोक्ताओं के लिए खतरा भी बन सकता है। अवैध रिफिलिंग से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है।

जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में इस प्रकार का जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन की प्राथमिकता है कि गैस वितरण व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को सख्ती से रोका जाए। साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि यदि कहीं इस प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   19 March 2026 9:07 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story