ग्रामीण उद्यमिता को मजबूत करने के लिए इस वर्ष 6 लाख से ज्यादा ग्रामीण युवाओं को दी जाएंगी ट्रेनिंग
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से 'ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों' में ट्रेनिंग के स्टैंडर्ड, संस्थागत क्षमता, सेटलमेंट, क्रेडिट लिंकेज और मॉनिटरिंग को मजबूत करने के लिए 'नेशनल एकेडमी ऑफ ग्रामीण विकास और स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान' (एनएआर) के साथ एमओयू पर साइन किया गया है।
ग्रामीण उद्यमिता को मजबूत करने और स्थिर आजीविका के मौकों को बढ़ावा देने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 'नेशनल एकेडमी ऑफ आरयूडीएसईटीआई' (एनएआर) के साथ एक समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया। इसका उद्देश्य देश भर के 'ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों' में ट्रेनिंग के एक जैसे स्टैंडर्ड तय करना, क्वालिटी एडमिनिस्ट्रेशन सुनिश्चित करना और व्यवस्थित रूप से क्षमता निर्माण में मदद करना है।
यह एमओयू ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल की मौजूदगी में 12 अक्टूबर को एक्सचेंज किया गया। इस साझेदारी का मुख्य मकसद 'कौशल पंजी' के जरिए उम्मीदवारों के रजिस्ट्रेशन और 'आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम' के जरिए आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन को बेहतर बनाना है, साथ ही आरएसईटीआई के जरिए दी जाने वाली ट्रेनिंग की क्वालिटी और उसकी उपयोगिता को बढ़ाना है। इसमें नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन्स फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के मुताबिक नए जमाने के कोर्स लागू करना, इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड वाले ट्रेनिंग एड्स और इक्विपमेंट अपनाना, और ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा बताए गए मुख्य एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम (ईडीपी) कोर्स चलाना शामिल होगा।
इस साझेदारी 'यूनिफाइड पोर्टल' के जरिए ट्रेनर्स की ट्रेनिंग (टीओटी), ट्रेनी और ट्रेनर्स के असेसमेंट और सर्टिफिकेशन को भी मजबूती मिलेगी और मंत्रालय द्वारा बताए गए 'कॉमन नॉर्म्स' का पालन सुनिश्चित करेगी। मौजूदा वर्ष के लिए आरएसईटीआई को 6.35 लाख ग्रामीण युवाओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य दिया गया है, जिसमें महिलाएं, एससी/एसटी, पीडब्ल्यूडी और दूसरे कमजोर वर्ग शामिल हैं; यह लक्ष्य पिछले साल (2025–26) के लिए तय किए गए ट्रेनिंग लक्ष्य से ज्यादा है।
इस एमओयू से ट्रेनिंग की बेहतर क्वालिटी, संस्थागत क्षमता, डिजिटल गवर्नेंस और नतीजे पर आधारित मॉनिटरिंग के जरिए आरएसईटीआई इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। स्किल डेवलपमेंट, एंटरप्रेन्योरशिप और टिकाऊ आजीविका के बीच संबंध को मजबूत करके, यह साझेदारी ग्रामीण युवाओं की क्षमता को बढ़ाना चाहती है ताकि वे सफल बिजनेस शुरू कर सकें और समावेशी ग्रामीण आर्थिक विकास में योगदान दे सकें।
यह ओमओयू, आरएसईटीआई इकोसिस्टम को मजबूत करने और ग्रामीण कौशल विकास, उद्यमिता को बढ़ावा देने और आजीविका के साधन पैदा करने में इसकी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
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Created On :   13 Oct 2026 11:27 AM IST












