‘ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर रहेंगे’, इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद विपक्षी दलों के नेताओं का ऐलान
नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। राजधानी दिल्ली में बुधवार को आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), ईवीएम और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर चर्चा हुई। इस बैठक के बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने दावा किया है कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार और भाजपा के लिए काम कर रहा है।
सीपीआई (एमएल) के जनरल सेक्रेटरी दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि इस समय पूरे देश में ज्ञानेश कुमार सबसे ज्यादा चर्चा का विषय हैं। ज्ञानेश कुमार को हटाना या उनका तुरंत इस्तीफा देना ही इस समय की मांग है। जाहिर है जिस रास्ते से ज्ञानेश कुमार वहां पहुंचे, वह 2023 का कानून है। और इसीलिए हम सुप्रीम कोर्ट में उस 2023 के एक्ट को भी चुनौती देंगे।
उन्होंने कहा कि हमें इसे जन आंदोलन बनाना है। 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक हम इस पर अभियान चलाएंगे। 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के पास जाएंगे। राष्ट्रपति से भी मिलेंगे, और देश में कई बड़ी रैली होगी। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केस चलना चाहिए, फिलहाल, इस्तीफे से इसकी शुरुआत होनी चाहिए।
सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी ने कहा कि हमने तय किया है कि राजनीतिक दलों के अलावा, हमें सामाजिक आंदोलनों, सिविल सोसाइटी, बुद्धिजीवियों और गैर-सरकारी संगठनों से भी संपर्क करना चाहिए।
कांग्रेस सांसद जोस के. मणि ने फॉर्म-6 को लेकर कहा कि इसमें हेर-फेर की गई है और यह जानबूझकर किया गया है। यह साबित हो चुका है। अब यह बात सामने आ गई है। इसलिए, हम मांग कर रहे हैं। यह सिर्फ विपक्ष की मांग नहीं है, यह भारत की जनता की मांग है।
कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, उनके पीछे की ताकतों की पहचान नहीं होती और उनकी जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक यह विरोध जारी रहेगा।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि अब चुनाव आयोग क्या सफाई दे रहा है कि फॉर्म-6 को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी थी। लेकिन फॉर्म-6 में जो बदलाव किए, वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किए गए थे। वे इस बात को सुप्रीम कोर्ट से भी छिपा रहे हैं।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपने कार्यकाल में युवा वोटरों के लिए वोटिंग की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी थी। दूसरी तरफ, अभी फॉर्म-6 को इतना मुश्किल बना दिया गया है कि वोटर लिस्ट में नाम नहीं जुड़ पा रहे हैं।
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि इंडिया ब्लॉक की बैठक में जो मुद्दे उठाए गए हैं, वह जायज हैं। चुनाव आयोग भाजपा के लिए काम कर रहा है। आयोग सरकार के साथ मिलकर लोकतंत्र की हत्या कर रहा है।
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Created On :   30 Sept 2026 6:33 PM IST












