हरियाणा 645 करोड़ रुपए के कथित गबन मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 14 ठिकानों पर छापेमारी

हरियाणा  645 करोड़ रुपए के कथित गबन मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 14 ठिकानों पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-II ने 645 करोड़ रुपए के सरकारी धन के कथित गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 4.30 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए, जबकि करीब 22 करोड़ रुपए के बैंक बैलेंस को फ्रीज किया गया।

चंडीगढ़, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-II ने 645 करोड़ रुपए के सरकारी धन के कथित गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 4.30 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए, जबकि करीब 22 करोड़ रुपए के बैंक बैलेंस को फ्रीज किया गया।

यह मामला हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ नगर निगम और अन्य सरकारी खातों से जुड़े सार्वजनिक धन के कथित गबन से संबंधित है।

ईडी ने फरवरी 2026 में हरियाणा पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। एफआईआर में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में हरियाणा के विकास एवं पंचायत विभाग के बैंक खातों की राशि में गड़बड़ी का मामला सामने आया था।

ईडी की छापेमारी में कई ज्वेलर्स और उनसे जुड़ी संस्थाओं के ठिकानों को शामिल किया गया। इनमें मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स और उसकी सहयोगी संस्थाएं, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, शाम ज्वेलर्स और सुंदर ज्वेलर्स शामिल हैं। इसके अलावा गौरव कंसल के ठिकाने पर भी कार्रवाई की गई। ईडी का आरोप है कि गौरव कंसल ने अपराध से हासिल रकम को अलग-अलग माध्यमों से भेजने और उसकी लेयरिंग करने में बिचौलिए की भूमिका निभाई।

ईडी की जांच में दावा किया गया है कि कथित तौर पर गबन किए गए सरकारी धन को विभिन्न ज्वेलर्स के बैंक खातों के जरिए इधर-उधर भेजा गया और उसे कारोबारी लेन-देन के रूप में दिखाया गया। आरोप है कि अपराध से प्राप्त रकम की असली पहचान छिपाकर उसे वैध धन के रूप में दिखाने के लिए ये लेन-देन किए गए।

जांच में सामने आया कि मलिक ज्वेलर्स को कथित तौर पर करीब 58 करोड़ रुपए मिले। इसी तरह केएलजी ग्रुप की केएलजी ज्वेल्स, केएलजी इंफ्रा और केएलजी एंड कंपनी को 26 करोड़ रुपए, एम.बी. गोल्ड ट्रेडर्स को 5 करोड़ रुपए, शाम ज्वेलर्स को 3.66 करोड़ रुपए और सुंदर ज्वेलर्स को करीब 3.15 करोड़ रुपए मिले।

ईडी का आरोप है कि यह रकम मामले के कथित मास्टरमाइंड रिभव ऋषि की ओर से बनाई गई बिचौलिया शेल कंपनियों के माध्यम से इन संस्थाओं तक पहुंचाई गई। जांच एजेंसी के मुताबिक, ज्वेलर्स कथित तौर पर हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन के बैंक खातों से निकले अपराध के धन की मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थे।

ईडी ने दावा किया कि ज्वेलर्स के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग की गई रकम आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले में कथित रूप से शामिल आरोपी आईएएस अधिकारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों तक पहुंची।

इस संबंध में सीबीआई ने पंचकूला की विशेष अदालत में तीसरी चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें हरियाणा कैडर के छह आईएएस अधिकारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों को बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी बनाया गया है।

ईडी के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान 4.30 करोड़ रुपए नकद बरामद कर जब्त किए गए। ज्वेलर्स और उनकी सहयोगी संस्थाओं के बैंक खातों में जमा करीब 22 करोड़ रुपए भी फ्रीज किए गए हैं। छापेमारी के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत भी बरामद कर जब्त किए गए हैं।

ईडी ने बताया कि इससे पहले इसी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी अब तक मामले में लगभग 211 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को अटैच, जब्त या फ्रीज कर चुकी है। ईडी ने पंचकूला की विशेष पीएमएलए अदालत में 14 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है। ईडी के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   2 Oct 2026 8:55 PM IST

Tags

Next Story