दिशानिर्देश जारी: राज्य में अब शिवभोजन केंद्रों का सीसीटीवी बंद होने पर वसूला जाएगा पांच हजार रुपए दंड

राज्य में अब शिवभोजन केंद्रों का सीसीटीवी बंद होने पर वसूला जाएगा पांच हजार रुपए दंड
  • प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग ने जारी किया नया दिशानिर्देश
  • अब शिवभोजन केंद्रों का सीसीटीवी बंद होने पर वसूला जाएगा पांच हजार रुपए दंड

डिजिटल डेस्क, मुंबई. प्रदेश में शिवभोजन केंद्रों पर अब सीसीटीवी लगाना अनिवार्य होगा। शिवभोजन केंद्रों का सीसीटीवी बंद होने पर एक दिन की कुल थाली के कीमत की कुल राशि अथवा पांच हजार रुपए (दोनों में से जो अधिक होगा, वो राशि) दंड के रूप में वसूला जाएगा। इसके बाद भी जांच में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित शिवभोजन केंद्र बंद कर दिया जाएगा। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग ने शिवभोजन योजना के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक शिवभोजन केंद्र को बिना बताए बंद रखने, सीसीटीवी कार्यान्वित नहीं होने, सीसीटीवी का डेटा उपलब्ध नहीं कराने, मापदंडों के अनुसार भोजन न देने पर दंड वसूला जाएगा। शिवभोजन केंद्र को अन्य व्यक्ति के जरिए चलाने जैसे अति गंभीर अनियमितता होने पर संबंधित केंद्र को तत्काल निलंबित कर दिया जाएगा। भोजनालय चालक को सीसीटीवी का कम से कम 90 दिनों का डेटा पेन ड्राइव में रखना अनिवार्य होगा। राज्य स्तर के अफसरों के जरिए शिवभोजन केंद्रों की औचक जांच की जाएगी।

पार्सल सुविधा नहीं होगी

शिवभोजन केंद्र में बाहर का भोजन लाने अथवा केंद्र से बाहर का भोजन ले जाने पर सख्त मनाही होगी। किसी भी परिस्थिति में पार्सल सुविधा नहीं दी जाएगी। शिवभोजन केंद्र में एक बार में कम से कम 25 व्यक्तियों को भोजन के लिए बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए। एक शिवभोजन केंद्र की प्रतिदिन थाली संख्या न्यूनतम 75 और अधिकतम 200 होगी। सरकारी कर्मचारियों को रियायती दर में भोजन देने पर सख्त रोक होगी।

एफडीए से करानी होगी जांच

शिवभोजन केंद्र चलाने के लिए भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई ) के मापदंडों के अनुसार प्रमाण पत्र अथवा लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) से प्रत्येक शिवभोजन केंद्र के भोजन की गुणवत्ता की समय-समय जांच करना अनिवार्य होगा। भोजनालय चालक को प्रशासन की ओर से दिए गए प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य होगा।

लाभार्थियों को 10 रुपए में थाली

शिवभोजन की प्रति थाली की मूल कीमत शहरी इलाकों के लिए 50 रुपए और ग्रामीण अंचल के लिए 35 रुपए निश्चित की गई है। इसके तहत राज्य में गरीब और जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए शिवभोजन योजना के तहत लाभार्थियों को 10 रुपए में खाने की थाली उपलब्ध कराई जाती है। जबकि शहरी इलाकों में शेष 40 रुपए और ग्रामीण इलाकों में 25 रुपए अनुदान के रूप में सरकार की ओर से शिवभोजन केंद्र चालकों को उपलब्ध कराया जाता है।

इन स्थलों पर शुरू होगा केंद्र

शिवभोजन केंद्र जिला अस्पतालों, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन, बाजार, सरकारी कार्यालयों के परिसर और गरीब व मजदूरों के आवाजाही वाले इलाकों में शुरू किया जा सकेगा। शिवभोजन केंद्र सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक शुरू रखा जा सकेगा। शिवभोजन केंद्र में भोजन के लिए दिव्यांग व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं को लाइन में खड़े रखे बिना प्राथमिकता दी जाएगी।

Created On :   2 Oct 2026 9:06 PM IST

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