हेमंत सरकार सवालों से भाग रही, झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज का जवाब दे प्रतुल शाहदेव
रांची, 12 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन, समय से पहले विधानसभा की कार्यवाही समाप्त किए जाने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हर घर तिरंगा' संदेश, एफसीआरए बिल और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच मतभेदों को लेकर भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार और कांग्रेस पर जुबानी हमला किया। उन्होंने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए।
झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर प्रतुल शाहदेव ने हेमंत सोरेन सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बर्बरता की गई। उन्होंने कहा कि विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर कई बार लाठीचार्ज किया गया और रात के समय कार्रवाई को लेकर उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। प्रदर्शन में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों के साथ-साथ सामान्य वर्ग के गरीब छात्र भी शामिल थे और पुलिस कार्रवाई में सभी प्रभावित हुए। छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग करना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि रात करीब एक बजे जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी छात्रों से बातचीत के लिए पहुंचे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन वास्तव में वार्ता करने गया था, तो आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल क्यों तैनात किया गया था।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने छात्रों के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया है और जैसे ही उन्हें रात में छात्रों को कथित तौर पर उठाए जाने की जानकारी मिली, पार्टी के नेता और विधायक मौके पर पहुंचे। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र भी वहां जुट गए और प्रशासन को पीछे हटना पड़ा। भाजपा नेता ने सरकार से छात्रों की मांगों पर बातचीत करने और विवाद का समाधान निकालने की अपील की।
विधानसभा की कार्यवाही एक दिन पहले समाप्त किए जाने के सवाल पर प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर विपक्ष से भागने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए सरकार की कार्यशैली की आलोचना की। भाजपा नेता ने कहा कि सरकार सदन में चर्चा की बात करती है, लेकिन जब विपक्ष गंभीर मुद्दों पर जवाब मांगता है तो सदन की कार्यवाही समाप्त कर दी जाती है। विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा विधायक रांची में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को विधानसभा में उठा रहे थे, लेकिन सरकार ने सत्र को समय से पहले समाप्त कर दिया। सत्ता पक्ष के रवैये को लेकर उन्होंने कहा कि यह सरकार के राजनीतिक चरित्र में दोहरापन दिखाई देता है।
15 अगस्त से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हर घर तिरंगा' संदेश का स्वागत करते हुए प्रतुल शाहदेव ने कहा कि तिरंगा देश के स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देशभर में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं और प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय गृह मंत्री भी इन कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं। भारत को आजादी दिलाने के लिए स्वतंत्रता संग्राम के वीरों ने लंबा संघर्ष किया था, इसलिए राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से प्रधानमंत्री के संदेश का अनुसरण करने और 'हर घर तिरंगा' अभियान में भाग लेने की अपील की।
एफसीआरए बिल को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजे जाने के सरकार के फैसले पर प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह विधेयक देशहित में आवश्यक है। उन्होंने विपक्ष द्वारा किए जा रहे विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि विदेशी फंड के इस्तेमाल में पर्याप्त जांच और संतुलन की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विदेशी अंशदान के इस्तेमाल पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं होगा तो इसका दुरुपयोग हो सकता है। कुछ धार्मिक संगठनों और धर्मांतरण से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एफसीआरए में ऐसे प्रावधान होने चाहिए जिससे विदेशी फंड का गलत इस्तेमाल रोका जा सके। सरकार ने फिलहाल विधेयक को जेपीसी के पास भेज दिया है। समिति की सिफारिशों के बाद सरकार इसे दोबारा संसद में ला सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एफसीआरए से जुड़ा विधेयक कानून का रूप लेगा।
एफसीआरए को लेकर विपक्षी दलों के रुख में कथित अंतर पर प्रतुल शाहदेव ने इंडिया गठबंधन पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन में कांग्रेस का प्रभाव लगातार कम हो रहा है और कई सहयोगी दल कांग्रेस की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेताओं की अलग-अलग राजनीतिक राय का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस अपने सहयोगियों से और दूर हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब देश से जुड़े मुद्दों की बात आती है तो राजनीतिक दलों को अपने मतभेदों से ऊपर उठकर विचार करना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री की ओर से सभी दलों से सहयोग की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मुद्दों पर सकारात्मक रुख का स्वागत किया जाना चाहिए।
झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी द्वारा भाजपा के मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता जताए जाने पर प्रतुल शाहदेव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इरफान अंसारी को 'आपदा अंसारी' कहकर संबोधित किया और आरोप लगाया कि वह अपने बयानों के कारण अक्सर विवादों में रहते हैं। शाहदेव ने कहा कि भाजपा नेताओं और विधायकों ने बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास के घेराव की जानकारी प्रशासन को पहले ही दे दी थी। भाजपा का कार्यक्रम निर्धारित तरीके से हुआ था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन को पहले से जानकारी थी।
उन्होंने राहुल गांधी के एक पुराने प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। भाजपा नेता ने कहा कि जब विपक्षी नेता केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं, तब कांग्रेस अलग तर्क देती है, जबकि भाजपा के आंदोलन को लेकर अलग सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इरफान अंसारी मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन सुरक्षा और लोकतांत्रिक विरोध के मुद्दों पर सभी दलों को समान मानदंड अपनाने चाहिए।
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Created On :   12 Aug 2026 6:41 PM IST












