शपथपत्र: नागपुर खंडपीठ के आदेश पर समय पर निर्णय नहीं लेने के मामले में मनपा आयुक्त ने मांगी बिना शर्त माफी

नागपुर खंडपीठ के आदेश पर समय पर निर्णय नहीं लेने के मामले में मनपा आयुक्त ने मांगी बिना शर्त माफी
  • संविदा कर्मचारियों की सेवा अवधि, स्वीकृत एवं रिक्त पदों और पात्रता संबंधी जानकारी जुटाने में समय लगा
  • नागपुर खंडपीठ के आदेश पर समय पर निर्णय नहीं लेने के मामले में माफी मांगी

Nagpur News. राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (एनयूएचएम) के तहत वर्षों से संविदा पर काम कर रहीं जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी (जीएनएम) नर्सों को नियमित करने के बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ के आदेश पर समय पर निर्णय नहीं लेने के मामले में नागपुर महानगरपालिका आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने हाईकोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी है। उन्होंने शपथपत्र में कहा कि आदेश की अवहेलना जान-बूझकर नहीं की गई। साथ ही कोर्ट के निर्देशों का पालन करने का भरोसा दिया है। इस संदर्भ में धरती मोरे सहित 48 जनरल मिडवाइफरी नर्सों ने याचिका दायर की है। नर्सों की नियुक्ति 2005 से 2024 के बीच एनयूएचएम के तहत हुई थी। मनपा ने 52 स्थायी जीएनएम पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की, लेकिन वर्षों से संविदा पर कार्यरत नर्सों के नियमितीकरण पर निर्णय नहीं लिया। इस पर हाईकोर्ट ने 5 जनवरी 2026 को छह सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया था। निर्णय नहीं होने पर 1 जुलाई को अदालत ने वर्तमान आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर और पूर्व आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी को अवमानना नोटिस जारी कर 11 अगस्त तक स्पष्टीकरण मांगा था। इसके जवाब में मनपा आयुक्त ने यह शपथपत्र दाखिल किया है।

संविदा कर्मचारियों की सेवा अवधि, स्वीकृत एवं रिक्त पदों और पात्रता संबंधी जानकारी जुटाने में समय लगा

शपथपत्र के अनुसार, 6 फरवरी 2026 को नई मनपा के गठन के बाद संविदा कर्मचारियों की सेवा अवधि, स्वीकृत एवं रिक्त पदों और पात्रता संबंधी जानकारी जुटाने में समय लगा। नियमितीकरण संबंधी प्रस्ताव 30 अप्रैल को मंजूर किया गया, लेकिन चुनाव आचार संहिता और आमसभा की बैठक स्थगित होने के कारण उस पर निर्णय नहीं हो सका। प्रस्ताव 10 अगस्त की आमसभा की बैठक के एजेंडे में रखा गया। शपथपत्र में यह भी बताया कि, एनयूएचएम में 30 संवर्गों के 845 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें 710 कर्मचारी मनपा के स्वीकृत नौ संवर्गों में हैं, जबकि शेष संवर्ग मनपा के प्रतिष्ठान में नहीं है। जीएनएम के 202 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 130 पद स्वीकृत हैं। जिनमें से 74 पद पहले ही भरे जा चुके हैं और 56 पद रिक्त हैं। इस बीच राज्य सरकार ने 30 जून 2026 के शासन निर्णय से एनयूएचएम के ऐसे संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय लिया है, जिन्होंने 10 वर्ष की सेवा पूरी की है। मनपा ने इस संबंध में आवश्यक जानकारी 7 अगस्त को राज्य सरकार को भेज दी है।

Created On :   12 Aug 2026 7:48 PM IST

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