ड्रग्स नेटवर्क: तेलंगाना में जब्त एमडी ड्रग्स की फैक्टरी के तार नागपुर के तस्करों से जुड़े, 54 करोड़ की खेप ने खोला राज

तेलंगाना में जब्त एमडी ड्रग्स की फैक्टरी के तार नागपुर के तस्करों से जुड़े, 54 करोड़ की खेप ने खोला राज
  • हैदराबाद में 27 किलो मेफेड्रोन बरामद
  • नागपुर का आरोपी निकला मास्टरमाइंड
  • विदर्भ में खपाने की थी तैयारी

Nagpur News. संतरानगरी और विदर्भ में ड्रग्स की सप्लाई का एक बड़ा नेटवर्क तेलंगाना पुलिस की कार्रवाई में बेनकाब हुआ है। यदाद्री-भुवनगिरी जिले में पुलिस ने करीब 54 करोड़ रुपए कीमत की 27 किलो मेफेड्रोन (एमडी) बरामद की है। इस मामले में नागपुर के 49 वर्षीय चेतन मधुकर मेश्राम को मुख्य संचालक और फाइनेंसर बताया गया है। उसके साथ नागपुर के ही 31 वर्षीय आकाश अशोक गावंडे को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, हैदराबाद के नजदीक एक गुप्त लैब में एमडी तैयार कर इसे महाराष्ट्र, विशेषकर नागपुर और विदर्भ में पहुंचाने की तैयारी थी। एमडी ड्रग्स की फैक्टरी को नागपुर के एमडी तस्कर तेलंगाना में चलाते हुए पकड़े गए हैं। जिन आरोपियों को पकड़ा गया है, उनमें मास्टरमाइंड चेतन मेश्राम बताया गया है। उसके खिलाफ नागपुर में छोटी-छोटी कार्रवाई हुई है, लेकिन तेलंगाना में यह उसके खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

एसयूवी से मिली 27 किलो एमडी और 40 किलो एसीटोन

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यदाद्री-भुवनगिरी जिले की स्पेशल ऑपरेशन टीम (एसओटी) और बीबीनगर पुलिस को ड्रग्स तस्करी की सूचना मिली थी। इसके आधार पर कोंडामडुगु इलाके के पास एक एसयूवी को रोककर तलाशी ली गई। वाहन से 27 किलो एमडी और 40 किलो एसीटोन बरामद हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एमडी की कीमत करीब 54 करोड़ रुपए बताई गई है।

गुप्त लैब में बन रही थी नशे की खेप

जांच में सामने आया कि 5 से 7 अगस्त के बीच कोंडामडुगु स्थित एक गुप्त लैब में एमडी तैयार की गई थी। पुलिस ने लैब पर छापा मारकर रिएक्टर, सेंट्रीफ्यूज समेत ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण जब्त किए हैं। इससे स्पष्ट हुआ कि नेटवर्क केवल तस्करी तक सीमित नहीं था, बल्कि बड़े स्तर पर ड्रग्स निर्माण भी किया जा रहा था।

नागपुर से बैठकर संभाल रहा था पूरा नेटवर्क

पुलिस जांच में चेतन मेश्राम को नेटवर्क का मुख्य संचालक और आर्थिक मदद देने वाला फाइनेंसर बताया गया है। उसके सहयोगी आकाश गावंडे की भी इस पूरे कारोबार में भूमिका सामने आई है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके आर्थिक लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। इस मामले में कथित तौर पर गोपाल सिरपत पटले और चंदा प्रदीप ठाकुर की तलाश की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि दोनों ड्रग्स की सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। असम निवासी मुजम्मल हक और हैदराबाद निवासी यूआर मूर्ति को भी गिरफ्तार किया गया है।

विदर्भ में कहां-कहां पहुंचनी थी खेप?

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि 27 किलो एमडी की खेप नागपुर और विदर्भ के किन शहरों में पहुंचाई जानी थी। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सप्लाई नेटवर्क, खरीदारों और आर्थिक लेन-देन की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। इस कार्रवाई ने संकेत दिया है कि विदर्भ में एमडी की सप्लाई के पीछे अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।

Created On :   11 Aug 2026 8:46 PM IST

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