समापन: दिल्ली मराठी फिल्म महोत्सव का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न, मराठी फिल्मों की समृद्ध परंपरा से परिचित हुए दर्शक

दिल्ली मराठी फिल्म महोत्सव का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न, मराठी फिल्मों की समृद्ध परंपरा से परिचित हुए दर्शक
  • तीन दिवसीय दिल्ली मराठी फिल्म महोत्सव का रविवार को समापन हो गया
  • फिल्म महोत्सव ने दिल्ली के दर्शकों को मराठी फिल्मों की समृद्ध परंपरा से परिचित कराया

New Delhi News. राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित तीन दिवसीय दिल्ली मराठी फिल्म महोत्सव का रविवार को समापन हो गया। इस फिल्म महोत्सव ने दिल्ली के दर्शकों को मराठी फिल्मों की समृद्ध परंपरा से परिचित कराया। दिल्ली मराठी प्रतिष्ठान द्वारा महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित इस महोत्सव को दिल्ली के मराठी लोगों के साथ-साथ दूसरी भाषा के दर्शकों ने भी जमकर सराहा। समापन अवसर पर दिल्ली मराठी प्रतिष्ठान के संस्थापक और महोत्सव के प्रमुख आयोजक वैभव डांगे ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान कलाकारों और निर्देशकों ने दर्शकों और प्रशंसकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने निर्देशन के पीछे के अपने अनुभव प्रशंसकों के साथ साझा किए। डांगे ने कहा कि दिल्ली के मराठी लोगों के साथ-साथ दूसरी भाषा के प्रशंसकों से मिली प्रतिक्रिया इस महोत्सव की बड़ी उपलब्धि रही। तीन दिनों में, ‘देउल बंद 2’, ‘सत्य शोधक’, ‘उत्तर’, ‘तुम्बाडची मंजुला’, ‘स्थल’, ‘घबड़कुंड’, ‘फूलवंती’, ‘सामना’ और ‘आशा’ जैसी कई अच्छी मराठी फिल्में दिखाई गईं।

महोत्सव के दौरान ‘दादासाहेब फाल्के चित्र रसास्वाद मंडल’ का भी गठन किया गया। महाराष्ट्र सरकार की स्थानिक आयुक्त और सचिव श्वेता सिंघल की पहल पर महाराष्ट्र परिचय केंद्र के सहयोग से इस मंडल का गठन किया गया। सिंघल ने महोत्सव के समापन अवसर पर कहा कि मराठी फिल्में सिर्फ मनोरंजन ही नहीं करतीं, बल्कि दर्शकों को सोचने पर भी मजबूर करती हैं। सिंघल ने इस महोत्सव में महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और मराठी भाषा को दिल्ली के मराठी और दूसरे बोलने वाले लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

Created On :   10 Aug 2026 8:43 PM IST

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