समीक्षा बैठक: खुदाई के बाद दुरुस्ती में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को निलंबित करेंगे - केंद्रीय मंत्री गडकरी

खुदाई के बाद दुरुस्ती में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को निलंबित करेंगे - केंद्रीय मंत्री गडकरी
  • शहर में यूटिलिटी मैपिंग की व्यवस्था नहीं, केंद्रीय मंत्री ने लगाई फटकार
  • नाग नदी किनारे की बस्तियों का पुनर्वसन
  • नाग नदी प्रकल्प के कामों की समीक्षा बैठक में निर्देश

Nagpur News. शहर में अमृत योजना के कामों के दौरान रास्तों की खुदाई करने के बाद उन्हें सही तरीके से दुरुस्त नहीं किया गया। इससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। ऐसी स्थिति नाग नदी प्रकल्प के कामों में भी न हो, इसके लिए रास्तों की खुदाई और दुरुस्ती में पूरी सावधानी बरती जाए। इन कामों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को निलंबित करने और ठेका एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितीन गडकरी ने दी है।

रविवार को नाग नदी प्रकल्प के कामों की समीक्षा बैठक केंद्रीय मंत्री गडकरी के महाल स्थित कार्यालय में हुई। बैठक में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, महापौर नीता ठाकरे, उपमहापौर लीला हाथीबेड, विधायक कृष्णा खोपड़े, मोहन मते, संजय भेंडे, मनपा में सत्तापक्ष नेता बाल्या उर्फ नरेंद्र बोरकर, स्थायी समिति अध्यक्ष शिवानी दाणी, मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, नासुप्र सभापति संजय मीना, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी समेत अन्य उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि नाग नदी प्रदूषणमुक्त अभियान में सीवेज प्रक्रिया और सीवेज संकलन पाइपलाइन डालने का काम प्रस्तावित है। पांच पैकेज वाले अभियान में तीन नए एसटीपी और दो पुराने एसटीपी की क्षमता बढ़ाई जाएगी। अभियान के चलते पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण, मध्य और पूर्व विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न कामों के लिए रास्तों की खुदाई की जाएगी। अब तक के अनुभव को देखते हुए रास्तों की खुदाई और रिस्टोरेशन में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने का निर्देश भी केंद्रीय मंत्री ने दिया। शहर में अमृत समेत अन्य योजनाओं में विभिन्न विभागों द्वारा अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल नहीं किए जाने को लेकर उन्होंने अधिकारियों से सवाल भी किया।

शहर में यूटिलिटी मैपिंग की व्यवस्था नहीं, केंद्रीय मंत्री ने लगाई फटकार

रास्तों के नीचे मौजूद यूटिलिटी व्यवस्था, जिसमें जलापूर्ति, सीवेज और स्ट्रॉम ड्रेनेज लाइन की मैपिंग शामिल है, को लेकर भी केंद्रीय मंत्री गडकरी ने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी रास्ते की खुदाई करने से पहले वहां मौजूद पाइपलाइन और केबल की जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए। अधिकारियों से पूछने पर शहर में रास्तों के नीचे की यूटिलिटी मैपिंग की व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई। इस पर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने सभी पाइपलाइनों के लिए 100 सालों को ध्यान में रखते हुए रास्तों के नीचे कॉमन डक्ट की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।

नाग नदी किनारे की बस्तियों का पुनर्वसन

नाग नदी के किनारे 15 मीटर के दायरे में आने वाली अवैध कॉलोनियों और झोपड़पट्टियों का अतिक्रमण हटाया जाना है। इन इलाकों के पुनर्वसन के लिए करीब 2,500 घरों की आवश्यकता होने की जानकारी मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने दी। इस संबंध में मनपा और नासुप्र की खाली जगहों व भूखंडों का सर्वेक्षण कर 5,000 घरों की सुविधा तैयार करने का प्रस्ताव बनाने का निर्देश केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मनपा आयुक्त और नासुप्र सभापति को दिया। पुनर्वसन के दौरान प्रकल्पबाधित और अतिक्रमण करने वाले नागरिकों के प्रमाणपत्रों समेत आवश्यक दस्तावेज लेने का निर्देश भी दिया गया।

नाग नदी से होने वाले प्रदूषण को रोकें

नाग नदी में प्रदूषित पानी पहुंचने से जिले की कई तहसीलों के साथ ही भंडारा जिले के भी कई हिस्से प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में प्रदूषित पानी से नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर पूरी सावधानी बरतने और सिंचाई के लिए भी स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए मनपा आयुक्त और जिलाधिकारी को उपाययोजना करने का स्पष्ट आदेश केंद्रीय मंत्री गडकरी ने दिया।

Created On :   9 Aug 2026 8:47 PM IST

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