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नागपुर मनपा: सभा में हंगामा - निजी संस्था को जमीन देने और जोन संख्या बढ़ाने पर मामला गर्माया विपक्ष और सत्तापक्ष की जोरदार नारेबाजी

Nagpur News. सोमवार को नियोजन भवन में आयोजित महानगरपालिका की आमसभा हंगामे और नारेबाजी के भेंट चढ़ी। मनपा द्वारा आइसोलेशन अस्पताल की जगह निजी संस्था को 1 रुपये की दर पर इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए देने पर जोरदार हंगामा हुआ।
आपत्तिजनक शब्द से गतिरोध
नेता प्रतिपक्ष संजय महाकालकर ने जमीन देने के लिए रेडी रेकनर की दर की अनदेखी का आरोप लगाया। इस दौरान सत्तापक्ष के नगरसेवक रितेश गावंडे ने बढ़ती आबादी के अनुरूप बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए पीपीपी मॉडल में सुविधा तैयार करने पर जोर दिया। दोनों ओर से हंगामा और नारेबाजी हुई। रितेश गावंडे, पिंटू झलके, संजय ठाकरे और विपक्ष के नेता संजय महाकालकर, नगरसेवक शैलेष पांडे, अभिजीत झा के बीच जमकर बहस हुई। रितेश गावंडे के आपत्तिजनक शब्द पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया। हालांकि रितेश गावंडे ने माफी मांगी, जिसके बाद शब्द को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया।
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एमबीए की फीस पर भी टीस
विपक्ष के नेता संजय महाकालकर ने मनपा से इससे पहले सिम्बायोसिस इंस्टिट्यूट को भी नाममात्र शुल्क पर जगह देने और 25 फीसदी शहर के विद्यार्थियों को लाभ मिलने पर सवाल खड़ा किया। वहीं सत्ताधारी दल के नगरसेवक बंडू राऊत ने एमबीए की फीस अन्य शहर में 24 लाख होने और शहर में सिम्बायोसिस में 18 लाख होने का उल्लेख किया गया।
जोन संख्या संशोधन पर रुका सदन
बढ़ती जनसंख्या और ग्रामीण इलाके जुड़ने से शहर में 10 जोन कार्यालयों की संख्या बढ़ाने को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नगरसेवक सुधीर (बंडू) राऊत ने प्रश्न किया। उपायुक्त निर्भय जैन ने बताया कि आखिरी बार साल 2002 में जोन कार्यालयों की संख्या 10 की गई थी। पिछले 24 साल में आबादी बढ़कर करीब 33 लाख होने और नए इलाके जुड़ने से जोन संख्या बढ़ाने का प्रयास होना चाहिए। इस पर मुस्लिम लीग के नगर सेवक असलम ख़ान और राकां की वरिष्ठ नगरसेवक आभा पांडे ने कर्मचारियों और अभियंताओं की कमी का उल्लेख किया। कहा-आसीनगर जोन में चार प्रभाग में 16 नगरसेवक पर एक कनिष्ठ अभियंता है, यही स्थिति शहर के अन्य जोन में भी है। ऐसे में जोन बढ़ाने की बजाय कर्मचारी संख्या बढ़ाने की जरूरत है।
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सदन से वॉकआउट
इस मामले में विपक्ष के नेता संजय महाकालकर शैलेश पांडे और सत्तापक्ष के विक्की कुकरेजा और सुधीर राऊत में बहस हो गई। पूरे मामले में विपक्ष ने जोन संख्या बढ़ाकर सभापति पद हथियाने का आरोप लगाते हुए वॉकआउट की घोषणा की।
महापौर सभा छोड़ कर चली गईं
संजय महाकालकर और कांग्रेस नगरसेवक शैलेश पांडे महापौर के आसन तक पहुंच गए। महापौर सभा छोड़ कर चली गईं। करीब आधा घंटा सत्ता पक्ष और विपक्ष में नारेबाजी होने से कार्यवाही रुक गई। सत्ताधारी दल के रितेश गावंडे, सुधीर राऊत योगेश पाचपोर और कांग्रेस के शैलेश पांडे के बीच खासा तनाव की स्थिति बन गई।
कर्मचारी बढ़ाना जरूरी
महापौर ने वरिष्ठ नगरसेवक आभा पांडे समेत अन्य को कक्ष में बुलाकर चर्चा की। इसके बाद सदन में आभा पांडे ने कहा कि शहर में सभी जोन में कर्मचारी कम हैं, कई अभियंता पर नगर रचना और वित्त विभाग समेत अतिरिक्त जिम्मेदारी होने से वार्ड विकास और सफाई समेत अन्य काम प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे ने जोन संख्या बढ़ाने से पहले कर्मचारी बढ़ाने की जरूरत है, लेकिन इस प्रस्ताव के अनुसार मनपा पर आर्थिक और प्रशासनिक बोझ बढ़ने, नई सुविधा तैयार करने, अतिरिक्त कर्मचारियों और खर्च की भी आवश्यकता होगी। लिहाजा, महापौर ने प्रशासन को सभी मुद्दों पर विचार कर अगली सभा में जानकारी रखने का निर्देश दिया।
Created On :   11 Aug 2026 6:24 PM IST











