अदाणी एंटरप्राइजेज ने अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के साथ किया 275 मिलियन डॉलर का समझौता

अदाणी एंटरप्राइजेज ने अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के साथ किया 275 मिलियन डॉलर का समझौता
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने सोमवार को घोषणा की कि उसने अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) के साथ एलपीजी की खरीद में ईरान पर लगे प्रतिबंधों के 'संभावित उल्लंघन' के मामले में 275 मिलियन डॉलर का समझौता किया है।

नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने सोमवार को घोषणा की कि उसने अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) के साथ एलपीजी की खरीद में ईरान पर लगे प्रतिबंधों के 'संभावित उल्लंघन' के मामले में 275 मिलियन डॉलर का समझौता किया है।

ओएफएसी के बयान के अनुसार, एईएल ने ईरान से जुड़े प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन के लिए संभावित सिविल दायित्वों को निपटाने के लिए 275 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है।

बयान में कहा गया है, "नवंबर 2023 से जून 2025 के बीच एईएल ने दुबई स्थित एक ट्रेडर से एलपीजी की खेप खरीदी थी, जिसने दावा किया था कि गैस ओमान और इराक से सप्लाई की जा रही है। हालांकि, कई ऐसे संकेत मौजूद थे जिनसे एईएल को सचेत हो जाना चाहिए था कि एलपीजी वास्तव में ईरान से आ रही थी। इस अवधि के दौरान एईएल ने अमेरिकी वित्तीय संस्थानों के जरिए 32 अमेरिकी डॉलर आधारित भुगतान करवाए, जिनकी कुल राशि लगभग 192,104,044 डॉलर थी।"

जून 2023 में एईएल ने एलपीजी बाजार में प्रवेश किया था और भारत में ग्राहकों को बेचने के लिए एलपीजी आयात शुरू किया था।

जुलाई 2023 में एईएल के प्रतिनिधियों, जिनमें कंपनी की नई एलपीजी यूनिट के प्रमुख भी शामिल थे, ने दुबई स्थित एक ट्रेडिंग कंपनी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। यह कंपनी पहले से एक अन्य भारतीय कंपनी को कथित रूप से ओमान मूल की एलपीजी सप्लाई कर रही थी।

सितंबर 2023 में दुबई सप्लायर ने एईएल को बताया कि वह अपनी संबद्ध कंपनी के जरिए एलपीजी उपलब्ध करा सकता है।

एईएल के एक आंतरिक दस्तावेज में इस सप्लायर को 'मध्य पूर्व से डिस्काउंटेड एलपीजी' उपलब्ध कराने वाला बताया गया था।

बयान में कहा गया कि दुबई सप्लायर कई संबद्ध कंपनियों के जरिए काम कर रहा था।

उस समय एईएल, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) के 2020 ओएफएसी प्रतिबंध अनुपालन कार्यक्रम पर निर्भर था, जिसमें ईरानी या प्रतिबंधित जहाजों और ईरान से आने वाले कार्गो को एपीएसईजेड-नियंत्रित बंदरगाहों में प्रवेश की अनुमति नहीं थी।

एईएल ने दुबई सप्लायर और उससे जुड़ी कंपनियों के लिए अपना सामान्य 'नो योर कस्टमर (केवाईसी)' सत्यापन प्रक्रिया भी अपनाई थी, जिसमें ओएफएसी की स्पेशली डिज़िग्नेटेड नेशनल्स (एसडीएन) और ब्लॉक्ड पर्सन्स सूची में कोई नाम नहीं मिला था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि सप्लायर खुद को ओमान और इराक से एलपीजी सप्लाई करने वाला प्रतिष्ठित बिचौलिया बता रहा था, लेकिन वास्तव में वह ईरानी सप्लाई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाने का माध्यम बना हुआ था।

ओएफएसी के अनुसार, शुरुआत से ही कई ऐसे संकेत थे जो माल के वास्तविक स्रोत पर सवाल खड़े करते थे।

बयान में आगे कहा गया है कि मार्च 2023 से फरवरी 2024 के बीच कम से कम चार अलग-अलग मौकों पर एईएल को तीसरे पक्ष की ओर से यह चिंता जताई गई थी कि दुबई सप्लायर द्वारा भेजी गई खेप संभवतः ईरान से आई हो सकती है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   18 May 2026 9:21 PM IST

Tags

Next Story