भूपेन हजारिका के शताब्दी समारोह के समापन की तैयारियों का सीएम हिमंता सरमा ने लिया जायजा

भूपेन हजारिका के शताब्दी समारोह के समापन की तैयारियों का सीएम हिमंता सरमा ने लिया जायजा
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम का दौरा किया और भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका के शताब्दी समारोह के भव्य समापन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सुविधाओं और तैयारियों का निरीक्षण किया।

गुवाहाटी, 27 सितंबर (आईएएमएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम का दौरा किया और भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका के शताब्दी समारोह के भव्य समापन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सुविधाओं और तैयारियों का निरीक्षण किया।

यह समापन समारोह महान गायक, संगीतकार और सांस्कृतिक हस्ती भूपेन हजारिका की विरासत और भारतीय संगीत व संस्कृति में उनके योगदान को समर्पित होगा।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने दौरे की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, ''भारत मंडपम का दौरा कर भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका के शताब्दी समारोह के भव्य समापन कार्यक्रम के लिए सुविधाओं और तैयारियों की समीक्षा की। हम 'सुधाकंठ' की विरासत के अनुरूप एक ऐसा यादगार सम्मान समारोह तैयार कर रहे हैं, जो उनके योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।''

भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती के मौके पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। उनके संगीत और साहित्यिक रचनाओं का असर सिर्फ असम और पूर्वोत्तर तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे देश और विदेश में भी उनकी लोकप्रियता है। उनकी रचनाओं में पूर्वोत्तर की संस्कृति, वहां के सामाजिक जीवन और आम लोगों की जिंदगी की झलक देखने को मिलती है।

भूपेन हजारिका का जन्म 8 सितंबर 1926 को असम में हुआ था। अपनी अलग संगीत शैली और प्रभावशाली रचनाओं के लिए पहचाने जाने वाले भूपेन हजारिका ने अपने गीतों के जरिए मानवता, सामाजिक एकता, समानता और आम लोगों की जिंदगी से जुड़े मुद्दों को आवाज दी। उनके गीतों में पूर्वोत्तर की लोक संस्कृति और वहां के सामाजिक अनुभवों की गहरी छाप दिखाई देती थी।

भूपेन हजारिका को साल 2019 में मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इससे पहले उन्हें पद्म विभूषण और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार समेत कई बड़े राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके थे। संगीत के साथ-साथ उन्होंने फिल्म निर्माण और साहित्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

भारत मंडपम में होने वाले शताब्दी समारोह का समापन कार्यक्रम पूरे साल चले आयोजनों का अंतिम पड़ाव होगा। इस मौके पर भूपेन हजारिका के जीवन, संगीत और उनकी सांस्कृतिक विरासत को बड़े स्तर पर याद किया जाएगा। कार्यक्रम में सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोगों, कलाकारों, गणमान्य हस्तियों और अन्य मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   27 Sept 2026 5:12 PM IST

Tags

Next Story