विदेशी हस्तियों ने किया हथकरघा दिवस का सम्मान, भारतीय परिधानों में नजर आए ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग के अधिकारी
नई दिल्ली/वॉशिंगटन, 7 अगस्त (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग ने शुक्रवार को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर भारत में अपने मिशन के कर्मचारियों के साथ भारतीय परिधान पहनकर इस दिन को मनाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तस्वीर साझा करते हुए भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने कहा कि भारत का हथकरघा क्षेत्र देश की अद्भुत सांस्कृतिक विविधता और बेहतरीन कारीगरी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, "रंग-बिरंगी बुनाइयों से लेकर सदियों पुरानी परंपराओं तक, भारत का हथकरघा क्षेत्र देश की शानदार सांस्कृतिक विविधता और कारीगरी को दिखाता है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर हम खूबसूरत भारतीय वस्त्र पहनकर भारत के कुशल बुनकरों और कारीगरों का सम्मान करते हैं।"
वहीं, अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने भी राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर एक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में उनके साथ नीदरलैंड में भारत के राजदूत कुमार तुहिन और भाजपा के विदेश विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर में मिलबेन साड़ी पहने नजर आ रही हैं।
मिलबेन ने हथकरघा को भारत की 'कालातीत विरासत' बताया और कहा कि यह ग्रामीण सशक्तिकरण का मजबूत आधार है, जो भारत में महिलाओं की ओर से संचालित लाखों वस्त्र व्यवसायों को सामने लाता है।
उन्होंने लिखा, "मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने प्रिय भारत के साथ राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का सम्मान करती हूं। यह अनमोल विरासत ग्रामीण सशक्तिकरण का एक मजबूत स्तंभ है और भारत में महिलाओं की ओर से चलाए जा रहे लाखों वस्त्र व्यवसायों को दर्शाती है। भारत की आत्मा हर उस हाथ में बसती है जो बुनाई करता है, हर उस कपड़े में जो खिलता है और हर उस रंग में जो चमकता है। यह खूबसूरत परंपरा, जिसे मैं प्रेम के साथ पहनती हूं, एक महान जनता और एक महान राष्ट्र की पहचान है।"
इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं और भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा के साथ-साथ उन पीढ़ियों के बुनकरों और कारीगरों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश की पारंपरिक कला और शिल्प को सहेजकर रखा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, "आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर हम भारत की समृद्ध और जीवंत हथकरघा विरासत का उत्सव मना रहे हैं। हम अपने बुनकरों और कारीगरों की प्रतिभा, रचनात्मकता और समर्पण को भी सलाम करते हैं। कई पीढ़ियों से उन्होंने हमारी परंपराओं को संजोया है और उन्हें और समृद्ध बनाया है।"
उन्होंने कहा, "हमारी सरकार हथकरघा क्षेत्र का समर्थन जारी रखेगी, क्योंकि यह ग्रामीण सशक्तिकरण, महिलाओं के नेतृत्व में विकास और आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण आधार है। आप भी राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हैशटैग के साथ अपने पसंदीदा हथकरघा उत्पाद और वीडियो साझा करें। इससे इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा।"
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Created On :   7 Aug 2026 9:15 PM IST












