विक्रोली डबल मर्डर: आरोपियों ने अपने भाई के पूरे परिवार को खत्म करने की रची थी साज़िश, पड़ोसी की मदद के महिला और बच्चे की जान

आरोपियों ने अपने भाई के पूरे परिवार को खत्म करने की रची थी साज़िश, पड़ोसी की मदद के महिला और बच्चे की जान
  • पार्कसाईट पुलिस ने आरोपी सुरेंद्र की पत्नी को भी किया गिरफ्तार
  • सुनील और उसके परिवार पर हमले के दौरान आरोपी सुरेंद्र की पत्नी ने बाहर से बंद कर दिया था दरवाजा
  • बचाने के दौरान आरोपियों ने पड़ोसी पर भी किया था चाकू पर वार

Mumbai News. विक्रोली पश्चिम इलाके की शिवछाया सोसायटी में पारिवारिक रंजिश के चलते अंजाम दी गई खूनी वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में पार्कसाईट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या, कातिलाना हमले और आपराधिक साज़िश का मामला दर्ज कर मुख्य आरोपियों सूरज और सुरेंद्र के साथ-साथ अब आरोपी सुरेंद्र की पत्नी प्रीति विश्वकर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने अपने सगे भाई सुनील विश्वकर्मा के पूरे परिवार का नामो-निशान मिटाने की सोची-समझी साज़िश रची थी।

कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर रची गई मौत की साज़िश

घटना की रात जब आरोपी सूरज और सुरेंद्र अपने भाई सुनील, उनकी पत्नी अंजू, उनके 14 वर्षीय मासूम बेटे श्लोक और 7 वर्षीय बेटे विवान पर धारदार चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर रहे थे, ठीक उसी समय आरोपी सुरेंद्र की पत्नी प्रीति ने पूरी साज़िश के तहत कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। प्रीति की मंशा यह सुनिश्चित करना था कि कमरे के अंदर लहूलुहान पड़ा सुनील का परिवार बाहर न भाग सके और न ही कोई पड़ोसी मदद के लिए अंदर दाखिल हो पाए। आरोपियों ने अपने भाई के पूरे परिवार को कमरे के भीतर ही मार डालने का पूरा इंतज़ाम कर रखा था।

जांबाज पड़ोसी बना मसीहा, जान पर खेलकर बचाई दो जिंदगियां

इस खौफनाक वारदात के दौरान यदि पड़ोसी वक्त पर न पहुंचता, तो सुनील का पूरा परिवार खत्म हो जाता। पड़ोसी की बेमिसाल बहादुरी और तत्परता के चलते ही सुनील की पत्नी अंजू (37) और उनके छोटे बेटे विवान की जान बच सकी। कमरे के अंदर से आ रही चीख-पुकार सुनकर बगल में रहने वाले पड़ोसी महादेव मगर तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बाहर से बंद कुंडी खोली और बिना अपनी परवाह किए सीधे कमरे में दाखिल हो गए। उस वक्त आरोपी सुरेंद्र ने अंजू के दोनों पैर जकड़ रखे थे और सूरज चाकू लेकर अंजू की तरफ झपट रहा था। महादेव मगर ने तुरंत बीच में आकर अंजू और मासूम बच्चे को ढाल बनकर बचाया। इस पर आरोपी प्रीति ने चिल्लाकर महादेव को पुलिस केस में फंसाने की धमकी दी, लेकिन महादेव पीछे नहीं हटे। बौखलाए आरोपियों ने पड़ोसी महादेव पर भी चाकू से हमला कर उनके दाहिने हाथ को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया, फिर भी महादेव ने आरोपियों से मुकाबला करते हुए मां और बेटे को बचा लिया।

अश्लील गानों का विरोध और खूनी अंजाम

इस वारदात की वजह पुरानी रंजिश और अश्लीलता का विरोध बनी। 6 अगस्त 2026 की देर रात करीब 12:15 बजे सुनील (40) काम से घर लौटे, तो नीचे रहने वाले देवर सुरेंद्र ने मोबाइल पर तेज आवाज में आपत्तिजनक गाना बजा रखा था। सुनील ने जब अपनी पत्नी के प्रति दिखाई जाने वाली इस विकृत मानसिकता का टोका-टोकी से विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते देवर सूरज और सुरेंद्र ने सुनील के माथे पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वे बेसुध होकर गिर पड़े। पिता को बचाने आए बड़े बेटे श्लोक के कंधे में भी आरोपियों ने सीधे चाकू घोंप दिया। इसके बाद आरोपियों ने अंजू और बाद में विवान के पीठ में चाकू भोंक दिया। फिलहाल अंजू, मासूम विवान और पड़ोसी महादेव का इलाज जारी है। पार्कसाईट पुलिस ने पीड़िता अंजू के बयान पर मामला दर्ज कर मुख्य कातिलों और साज़िश की अहम कड़ी रही सुरेंद्र की पत्नी प्रीति को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

पहले भी होते रहे हैं झगड़े, दर्ज हुई थी एनसी

पीड़िता अंजू के मुताबिक, लगभग एक साल पहले उनकी प्रीति और देवर सुरेंद्र चार घर छोड़कर किराए पर रहते थे। तब भी प्रीति छोटी-छोटी बातों पर उनसे झगड़ा करती थी। बाद में जब वे वापस इसी घर में साथ रहने आए, तब भी घरेलू विवाद जारी रहे। सास भी प्रीति का पक्ष लेकर अक्सर अंजू से झगड़ती थीं, जिसकी शिकायत अंजू ने पहले भी पार्कसाईट पुलिस स्टेशन मे एनसी दर्ज कराई थी। घटना से करीब 5 दिन पहले ही सास अपने सबसे बड़े बेटे अनिल के पास नालासोपारा रहने चली गई थीं।

Created On :   7 Aug 2026 10:03 PM IST

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