प्रशांत किशोर ने बढ़ाई हलचल: राकांपा अजित गुट में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी ! नए प्रदेशाध्यक्ष के साथ दो कार्यकारी अध्यक्षों की चर्चा

राकांपा अजित गुट में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी ! नए प्रदेशाध्यक्ष के साथ दो कार्यकारी अध्यक्षों की चर्चा
  • प्रशांत किशोर की सुनेत्रा पवार से एंट्री ने बढ़ाई हलचल
  • देवगिरी बंगले पर सुनेत्रा-पार्थ से प्रशांत की मुलाकात
  • स्थापना दिवस कार्यक्रम में भी प्रशांत की भूमिका की चर्चा

Mumbai News. राकांपा (अजित) में आने वाले दिनों में बड़े संगठनात्मक बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के भीतर संगठन को नए सिरे से मजबूत करने के लिए नए प्रदेशाध्यक्ष के साथ दो कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसी बीच राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर का राकांपा (अजित) के साथ जुड़ने का मुद्दा भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन, जनसंपर्क, सोशल मीडिया, बूथ स्तर की रणनीति और जनमत सर्वेक्षण पर विशेष फोकस करना चाहता है। इसी रणनीति के तहत प्रशांत किशोर को पार्टी का राजनीतिक सलाहकार या रणनीतिकार बनाए जाने की चर्चा है। हालांकि इस नियुक्ति को लेकर अभी तक पार्टी की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर पहले से विवाद

राकांपा (अजित) में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के खिलाफ चुनाव आयोग को पत्र लिखकर फरवरी 2026 में हुए अध्यक्ष पद के चुनाव पर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि यह चुनाव पार्टी संविधान के अनुरूप नहीं हुआ। इसके बाद पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे। यहां तक कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के पदों को लेकर खींचतान देखने को मिली। सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में नई पीढ़ी को संगठन में अधिक जिम्मेदारी दिए जाने को पार्टी के भीतर एक बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

देवगिरी बंगले पर सुनेत्रा-पार्थ से प्रशांत की मुलाकात

उपमुख्यमंत्री और राकांपा (अजित) राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार तथा राज्यसभा सांसद पार्थ पवार की प्रशांत किशोर से मुंबई में मुलाकात के बाद इन चर्चाओं ने जोर पकड़ा है। मई महीने में भी हुई मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए गए थे। खबरों के मुताबिक गुरुवार को हुई बैठक में पार्टी को महाराष्ट्र में जमीनी स्तर पर मजबूत करने, आगामी चुनावों की रणनीति और संगठन विस्तार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है। इससे पहले हुई मुलाकात के बाद पार्थ पवार ने प्रशांत किशोर की पार्टी में आधिकारिक नियुक्ति की खबरों को खारिज किया था। इसके बावजूद अब पार्टी के भीतर प्रशांत किशोर के साथ रणनीतिक स्तर पर काम करने की संभावना को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी सूत्रों का दावा है कि प्रशांत की टीम पार्टी की राजनीतिक रणनीति, मतदाता संपर्क, सोशल मीडिया और बूथ स्तर के संगठन पर काम कर सकती है।

स्थापना दिवस कार्यक्रम में भी प्रशांत की भूमिका की चर्चा

राकांपा (अजित) के स्थापना दिवस के कार्यक्रम को लेकर भी इसकी योजना और प्रस्तुति में प्रशांत किशोर की रणनीतिक सोच का इस्तेमाल किया गया था। पार्टी नेतृत्व की कोशिश अब सिर्फ चुनाव के समय प्रचार करने के बजाय लगातार मतदाताओं के साथ संपर्क बनाए रखने की बताई जा रही है। पार्टी की नई रणनीति में जनमत सर्वेक्षण, मतदाताओं की पसंद-नापसंद का डेटा, सोशल मीडिया नैरेटिव, स्थानीय मुद्दों की पहचान और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना शामिल हो सकता है।

Created On :   6 Aug 2026 10:22 PM IST

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