पूर्व आईएएस मोपलवार की कंपनी को रेडियो क्लब जेट्टी का 200 करोड़ का टेंडर देने पर बबाल

पूर्व आईएएस मोपलवार की कंपनी को रेडियो क्लब जेट्टी का 200 करोड़ का टेंडर देने पर बबाल
  • पटोले बोले- ठेके की निष्पक्ष जांच हो
  • नितेश राणे बोले- नियमों के अनुसार दिया गया टेंडर
  • सरकार ने 229 करोड़ रुपए की मंजूरी दी

Mumbai News. गेटवे ऑफ इंडिया के पास प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित रेडियो क्लब पैसेंजर और टूरिज्म जेट्टी प्रोजेक्ट के टेंडर को लेकर बवाल हो गया है। महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड ने करीब 205 करोड़ रुपए का ठेका मॉडर्न इंजीनियरिंग एंड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को दिया है। कंपनी के अध्यक्ष पूर्व आईएएस अधिकारी राधेश्याम मोपलवार हैं, जिसको लेकर विवाद पैदा हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने मोपलवार की कंपनी को मिले टेंडर पर सवाल उठाए हैं। दरअसल कुछ समय पहले तक मोपलवार महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास कॉर्पोरेशन (एमएसआरडीसी) के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रह चुके हैं। इस पद से रिटायर होने के बाद मोपलवार ने अपनी कंपनी की स्थापना की थी। हालांकि टेंडर पर सवाल उठने के बाद राज्य के मत्स्य एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने सफाई दी है कि ठेका पूरी तरह निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत दिया गया है।

क्या है मामला?

रेडियो क्लब पैसेंजर जेट्टी को राज्य सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी है। इस जेट्टी का काम पहले साल 2024 में आरकेईएसी प्रोजेक्ट्स को सौंपा गया था। हालांकि, परियोजना की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं होने और काम में देरी के चलते मेरीटाईम बोर्ड ने मार्च 2026 में कंपनी का करार रद्द कर दिया था। इसके बाद बोर्ड ने नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद मॉडर्न इंजीनियरिंग एंड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का चयन किया गया। कंपनी से पूर्व आईएएस अधिकारी राधेश्याम मोपलवार का जुड़ाव होने के कारण अब इस ठेके को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पूर्व आईएएस अधिकारी को ही ठेका क्यों- पटोले

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने कहा कि इस जेट्टी का काम पहले दूसरी कंपनी को दिया था। लेकिन उस कंपनी का ठेका सरकार के दबाव में रद्द कर दिया गया। अब उसी ठेके को उस पूर्व आईएएस अधिकारी मोपलवार की कंपनी को दिया गया है जिसका सम्बन्ध सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री तक रहा है। पटोले ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होने की जरुरत है।

नितेश राणे बोले- नियमों के मुताबिक दिया गया टेंडर

ठेके को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री नितेश राणे ने कहा कि पूरी टेंडर प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार की गई है। उनके मुताबिक, पुराने ठेकेदार का काम अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रहा था, इसलिए उसका करार रद्द किया गया और इसके बाद नियमों के तहत नई निविदा प्रक्रिया आयोजित की गई। उन्होंने कहा सरकार का कहना है कि अब परियोजना को किसी और देरी से बचाते हुए तय समय सीमा में पूरा करने पर जोर रहेगा। 2028 के अंत तक रेडियो क्लब पैसेंजर जेट्टी को पूरा करना सरकार का लक्ष्य है।

सरकार ने 229 करोड़ रुपए की मंजूरी दी

राज्य सरकार इस परियोजना के लिए नए ठेकेदार के चयन के बाद अब परियोजना को संशोधित समय सीमा के अनुसार 2028 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूरी होने के बाद गेटवे ऑफ इंडिया और दक्षिण मुंबई के समुद्री क्षेत्र में यात्री परिवहन को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। ये क्षेत्र मुंबई का प्रमुख पर्यटन केंद्र है। यहां से बड़ी संख्या में पर्यटक और यात्री समुद्री मार्ग से विभिन्न स्थानों पर जाते हैं। ऐसे में रेडियो क्लब जेट्टी के विकसित होने से यात्रियों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।

Created On :   6 Aug 2026 10:33 PM IST

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