औद्योगिक विकास: राज्य में 66,343 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू, भूखंड आवंटन से 5,502 करोड़ का राजस्व

राज्य में 66,343 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू, भूखंड आवंटन से 5,502 करोड़ का राजस्व
  • मुख्यमंत्री ने की एमआईडीसी में परियोजनाओं के लिए चल रहे जमीन अधिग्रहण की समीक्षा बैठक
  • भूखंड आवंटन से 10 महीने में 5,502 करोड़ का राजस्व मिला - फडणवीस

Mumbai News. महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास को तेज करने के लिए राज्य सरकार ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को और गति देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उद्योगों को उनकी जरूरत के मुताबिक जमीन समय पर उपलब्ध कराई जाए और अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण निवेश परियोजनाओं में देरी न हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य में नई औद्योगिक वसाहतों का तेजी से विस्तार हो रहा है और इसके लिए जमीन की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण है। बैठक में फडणवीस ने कहा कि 66 हजार 343 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू है। यह प्रक्रिया गडचिरोली, चंद्रपुर, नागपुर, पुणे, पालघर, छत्रपति संभाजीनगर, ठाणे, रत्नागिरी, रायगड, नाशिक और वर्धा जिलों में जारी है। इसके अलावा राज्य में 97 सामंजस्य करार (एमओयू) के तहत लगभग 75 हजार 234 एकड़ जमीन की मांग सामने आई है। सरकार का मानना है कि इन जमीनों की समय पर उपलब्धता से राज्य में बड़े औद्योगिक और निवेश प्रोजेक्ट्स को तेजी मिल सकती है।

10 महीने में 1,183 औद्योगिक प्लॉट आवंटित

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक भूखंड आवंटन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लागू की गई 'मिलाप' ऑनलाइन प्रणाली की भी समीक्षा की। सरकार के मुताबिक इस सिस्टम के जरिए प्लॉट के लिए आवेदन, रियल-टाइम ट्रैकिंग, ऑफर लेटर और आवंटन आदेशों का स्वचालित वितरण किया जा रहा है। इसके साथ ही अधिकारियों के लिए डैशबोर्ड सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। 1 अक्टूबर 2025 से 31 जुलाई 2026 के बीच राज्य में कुल 1 हजार 183 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया गया। इन आवंटनों से सरकार को करीब 5 हजार 502 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।

जमीन अधिग्रहण में देरी पर मुख्यमंत्री नाराज

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में कई स्तरों की मंजूरी, प्रशासनिक औपचारिकताओं और वन विभाग से जुड़ी मंजूरियों के कारण अनावश्यक देरी होती है। उन्होंने अधिकारियों से ऐसी प्रक्रियाओं को सरल बनाने को कहा। फडणवीस ने निर्देश दिया कि उच्चाधिकार समिति की मंजूरी से लेकर विभिन्न प्रशासनिक चरणों तक अनावश्यक देरी को कम किया जाए।

समय पर प्रोजेक्ट शुरू नहीं किया तो लगेगा जुर्माना

सरकार अब औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के नियमों में भी बदलाव की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि परियोजना के आकार और निवेश की मात्रा के आधार पर भूखंड के विकास के लिए निश्चित समय सीमा तय की जाए। निर्धारित समयसीमा में निर्माण कार्य शुरू करना अनिवार्य किया जा सकता है। यदि कोई कंपनी आवंटित जमीन पर समय पर परियोजना शुरू नहीं करती है तो उस पर चरणबद्ध तरीके से जुर्माना लगाने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर लंबे समय तक जमीन का इस्तेमाल नहीं करने वाली कंपनियों से भूखंड वापस लेने का प्रावधान भी प्रस्तावित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं।

Created On :   5 Aug 2026 10:24 PM IST

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