महाराष्ट्र: 3 सौ करोड़ पौधारोपण अभियान को मिलेगी नई रफ्तार, निगरानी के लिए सरकार ने बनाया महावृक्षारोपण कक्ष

3 सौ करोड़ पौधारोपण अभियान को मिलेगी नई रफ्तार, निगरानी के लिए सरकार ने बनाया महावृक्षारोपण कक्ष
  • किसानों की जमीन पर भी पौधारोपण
  • कॉन्ट्रैक्ट पर 5 तरह के कर्मचारी होंगे तैनात

Mumbai News. महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बड़े पैमाने पर पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण अभियान को गति देने के लिए ‘महावृक्षारोपण कक्ष’ यानी महावृक्षारोपण सेल स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह कक्ष ‘विकसित भारत,जी राम जी’ मिशन के मिशन महासंचालक के अधीन काम करेगा। दरअसल राज्य में पहले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत पौधारोपण और अन्य पर्यावरणीय काम किए जा रहे थे। सरकार के फैसले के मुताबिक महाराष्ट्र में 2026 से 2047 तक 300 करोड़ पौधारोपण अभियान चलाने का प्रस्ताव है। यह अभियान उपलब्ध जमीन और संसाधनों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसके लिए राज्य में ‘ग्रीन महाराष्ट्र कमीशन’ स्थापित करने को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है।

किसानों की जमीन पर भी पौधारोपण

सरकार का उद्देश्य सिर्फ पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण, निगरानी और अभियान की प्रगति का नियमित मूल्यांकन करना भी है। इसी उद्देश्य से महावृक्षारोपण कक्ष को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।सरकार पहले से ही व्यक्तिगत लाभार्थियों की लगातार खेती वाली जमीन, खेत की मेड़ और बंजर जमीन पर पौधारोपण का कार्यक्रम चला रही है। नए महावृक्षारोपण कक्ष के माध्यम से ऐसे कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने की तैयारी है। महावृक्षारोपण कक्ष को पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और पेड़ों के संरक्षण के साथ-साथ पूरे अभियान की योजना, क्रियान्वयन, समन्वय और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। कक्ष अभियान से जुड़ी जानकारी एकत्र करेगा, प्रगति की समीक्षा करेगा और नियमित रिपोर्ट तैयार करेगा। सरकार का दावा है कि इससे पौधारोपण अभियान की मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।

कॉन्ट्रैक्ट पर 5 तरह के कर्मचारी होंगे तैनात

अभियान के प्रभावी संचालन के लिए सरकार ने बाहरी एजेंसी के माध्यम से संविदा आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति का भी फैसला किया है। महावृक्षारोपण कक्ष में समन्वयक, सहायक कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी अधिकारी, क्लर्क-कम-डेटा एंट्री ऑपरेटर और क्लर्क उपलब्ध कराए जाएंगे। इन कर्मचारियों का काम ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान का अधिक से अधिक प्रचार और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा। साथ ही उन्हें संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय, मार्गदर्शन और फॉलोअप की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।

Created On :   5 Aug 2026 10:03 PM IST

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