उठे सवाल: नीट के बाद अब सीईटी और जेईई के नतीजों पर रोहित पवार ने उठाए सवाल, परीक्षा प्रक्रिया और टेंडर की जांच की मांग

नीट के बाद अब सीईटी और जेईई के नतीजों पर रोहित पवार ने उठाए सवाल, परीक्षा प्रक्रिया और टेंडर की जांच की मांग
  • मेहनती छात्रों के साथ हो रहा अन्याय
  • परीक्षा प्रक्रिया और टेंडर की जांच की मांग
  • सीईटी और जेईई के नतीजों पर रोहित पवार ने उठाए सवाल

Mumbai News. नीट परीक्षा को लेकर हुए विवाद के बाद अब महाराष्ट्र की कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) और जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) परीक्षा के परिणामों को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। राकांपा (शरद) विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि इन परीक्षाओं के परिणामों में भी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया, नॉर्मलाइजेशन, पर्सेंटाइल सिस्टम और परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। रोहित के इन आरोपों के बाद राज्य के शिक्षा क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। उन्होंने परीक्षा परिणामों का फॉरेंसिक ऑडिट, टेंडर प्रक्रिया की जांच और 2023 से अब तक के सभी सीईटी परिणामों की शैक्षणिक समीक्षा कराने की मांग की है।

रोहित पवार ने क्या कहा?

मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने कहा कि राज्य में हर वर्ष लगभग 10 लाख विद्यार्थी सीईटी परीक्षा में शामिल होते हैं। यह परीक्षा इंजीनियरिंग, फार्मेसी और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। परीक्षा के बाद विद्यार्थियों की मेरिट सूची उनके प्राप्त अंकों और पर्सेंटाइल के आधार पर तैयार की जाती है। उन्होंने कहा कि कई छात्रों और अभिभावकों ने उन्हें परीक्षा परिणामों को लेकर गंभीर शिकायतें की हैं। उनका कहना है कि अनेक ऐसे छात्र, जिन्होंने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, उन्हें सीईटी में अपेक्षा से बहुत कम पर्सेंटाइल प्राप्त हुआ। इससे परीक्षा परिणामों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मेहनती छात्रों के साथ हो रहा अन्याय

रोहित ने कहा कि सामान्य तौर पर जो विद्यार्थी 10वीं और 12वीं में अच्छे अंक लाते हैं, वे सीईटी में भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं। लेकिन हाल के वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां प्रतिभाशाली छात्रों को अपेक्षा से बेहद कम पर्सेंटाइल मिला है। उन्होंने दावा किया कि यदि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आए तो लोग हैरान रह जाएंगे। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि एक छात्र को 200 में से 104 अंक मिले, लेकिन इसके बावजूद उसका पर्सेंटाइल केवल 9 बताया गया। छात्र और उसके अभिभावक जब इस संबंध में सीईटी कार्यालय पहुंचे और पर्सेंटाइल की गणना का तरीका जानना चाहा, तो उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। रोहित ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन में भी गड़बड़ियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि यदि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह निष्पक्ष होनी है, तो परीक्षा केंद्रों की कार्यप्रणाली, नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया और रिजल्ट तैयार करने की पूरी प्रणाली की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। रोहित ने परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी एडुस्पार्क पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस कंपनी को राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कई महत्वपूर्ण कार्य मिले हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ संबंधित कंपनियों का एक नेटवर्क बनाकर सरकारी ठेके दिए गए हैं। जिसकी जांच की जरुरत है।

Created On :   4 Aug 2026 9:21 PM IST

Tags

Next Story