लेटर्स पेटेंट रूल्स: अभिनेत्री श्रुति हसन ने एआई डीपफेक और नकली सहमती के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

अभिनेत्री श्रुति हसन ने एआई डीपफेक और नकली सहमती के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
  • अदालत ने हसन को व्यावसायिक मुकदमा दायर करने की दी इजाजत
  • लेटर्स पेटेंट रूल्स के क्लॉज 12 के तहत बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन के लिए व्यावसायिक मुकदमा दायर करेंगी

Mumbai News. अभिनेत्री श्रुति हसन ने ‘एआई’ डीपफेक और नकली सहमती के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अपनी याचिका में व्यावसायिक मुकदमा दायर करने की अनुमति देने का अनुरोध किया। अदालत ने सोमवार को उन्हें ‘लेटर्स पेटेंट रूल्स' के क्लॉज 12 के तहत बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन के लिए व्यावसायिक मुकदमा दायर करने की इजाजत दे दी।

न्यायमूर्ति अभय आहूजा की एकल पीठ के समक्ष श्रुति हासन की याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान पीठ ने उन्हें ‘लेटर्स पेटेंट रूल्स' के क्लॉज 12 के तहत बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन के लिए व्यावसायिक मुकदमा दायर करने की इजाजत दी। ऐसी इजाजत तब जरूरी होती है, जब मामले का कुछ हिस्सा कोर्ट के अधिकार क्षेत्र के बाहर होता है, जिससे अधिकार क्षेत्र की सीमाओं के बावजूद कोर्ट केस की सुनवाई कर सकता है।

श्रुति हासन ने कई भारतीय और विदेशी कंपनियों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अज्ञात (जॉन डो) प्रतिवादियों के खिलाफ केस दायर किया है। प्रतिवादियों में महालक्ष्मी आर्ट्स एंड क्राफ्ट वर्क्स भी शामिल है, जो कथित तौर पर बिना इजाजत फ्लिपकार्ट पर हासन के नाम और तस्वीर वाले पोस्टर बेचती है। अन्य प्रतिवादियों में सेलिब्रिटी बुकिंग और एंडोर्समेंट प्लेटफॉर्म, फैशन और ज्वेलरी प्लेटफार्म और सोशल मीडिया कंपनियां शामिल हैं, जिनमें गूगल (यूट्यूब), मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम), एक्स कॉर्प और पिनटेरेस्ट शामिल हैं। केस में आपत्तिजनक, अश्लील तस्वीरें और यौन रूप से स्पष्ट वीडियो एवं तस्वीरें भी शामिल हैं, जिनमें जेनरेटिव एआई और डीपफेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बनाया गया पोर्नोग्राफिक कंटेंट भी है।

Created On :   3 Aug 2026 10:09 PM IST

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