अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस का मौका: अब ताडोबा-पेंच तक सफर होगा आसान, आईआरसीटीसी और महाराष्ट्र वन विभाग में हुआ समझौता

अब ताडोबा-पेंच तक सफर होगा आसान, आईआरसीटीसी और महाराष्ट्र वन विभाग में हुआ समझौता
  • महाराष्ट्र के 6 बड़े वन्यजीव स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर खास जगह मिलेगी
  • यह समझौता महाराष्ट्र में सतत वन्यजीव पर्यटन की दिशा में बड़ा कदम है

Mumbai News. वन्यजीव पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) और महाराष्ट्र वन विभाग ने हाथ मिला लिया है। 29 जुलाई 2026 को नागपुर में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के मौके पर दोनों के बीच एक ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के तहत अब पर्यटकों को महाराष्ट्र के जंगलों तक पहुंचने के लिए टिकट से लेकर सफारी तक सब कुछ एक ही पैकेज में मिलेगा। एमओयू का आदान-प्रदान प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव एम. श्रीनिवास रेड्डी और आईआरसीटीसी पश्चिमी क्षेत्र के समूह महाप्रबंधक गौरव झा ने किया। इस साझेदारी से महाराष्ट्र वन्यजीव पर्यटन का हब बनने की राह पर है। संरक्षण के साथ-साथ जागरूकता भी बढ़ेगी और यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और यादगार अनुभव मिलेगा।

क्या मिलेगा इस पैकेज में

आईआरसीटीसी अब ‘महाराष्ट्र वन्यजीव पर्यटन पैकेज’ लॉन्च करेगा। इसमें रेल टिकट, आवास और स्थानीय परिवहन और गारंटीड वन्यजीव सफारी परमिट शामिल होंगे। ये पैकेज वन्यजीव प्रेमियों, फोटोग्राफरों, पक्षी प्रेमियों, परिवारों और एडवेंचर चाहने वालों के लिए खास तौर पर बनाए जाएंगे।

किन जंगलों को मिलेगा बढ़ावा

इस पहल के तहत महाराष्ट्र के 6 बड़े वन्यजीव स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर खास जगह मिलेगी

पेंच राष्ट्रीय उद्यान, ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व ,बोर टाइगर रिजर्व, नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व, उमरेड,करहंडला वन्यजीव अभयारण्य, टिपेश्वर वन्यजीव अभयारण्य का समावेश हैं।

गौरव झा , समूह महाप्रबंधक , पश्चिम जोन ने बताया कि यह समझौता महाराष्ट्र में सतत वन्यजीव पर्यटन की दिशा में बड़ा कदम है। आईआरसीटीसी की पर्यटन विशेषज्ञता और वन विभाग के संरक्षण प्रयासों से पर्यटकों को जंगलों तक आसान पहुंच मिलेगी।

Created On :   2 Aug 2026 10:08 PM IST

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