सियासी ट्विस्ट: शिरसाट और कडू के दिपके और उनके परिवार से मिलने पर शिंदे नाराज, भाजपा ने भी उठाए सवाल, सीजेपी की विदेशी फंडिंग की जांच संभव

शिरसाट और कडू के दिपके और उनके परिवार से मिलने पर शिंदे नाराज, भाजपा ने भी उठाए सवाल, सीजेपी की विदेशी फंडिंग की जांच संभव
  • अपने मंत्री और विधायक से नाराज शिंदे
  • उद्धव ठाकरे के फोन के बाद बढ़ी थी चर्चा
  • विदेशी फंडिंग पर कस सकता है शिकंजा

Mumbai News. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक और जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन का चेहरा बने अभिजीत दिपके को लेकर राज्य की राजनीति में नया सियासी ट्विस्ट सामने आया है। दिपके से मुलाकात को लेकर अब महायुति के भीतर ही नाराजगी की खबर है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने ही गुट के मंत्री संजय शिरसाट और विधायक बच्चू कडू से दिपके और उनके परिवार के लोगों से मुलाकात करने पर नाराजगी जताई है। शिंदे ने अपने दोनों नेताओं से पूछा कि जब महायुति की भूमिका तय नहीं थी, फिर मुलाकात क्यों हुई? उधर सीजेपी समेत कुछ अन्य संगठनों को कथित तौर पर विदेशी फंडिंग मिलने की शिकायतों के बाद महाराष्ट्र सरकार का गृह विभाग सतर्क हो गया है।

अपने मंत्री और विधायक से नाराज शिंदे

शिंदे ने कथित तौर पर अपने दोनों नेताओं शिरसाट और कडू से कहा कि गठबंधन के स्तर पर कोई फैसला होने से पहले इस तरह की मुलाकात नहीं होनी चाहिए थी। खासकर तब, जब दिपके को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से संपर्क किये जाने की चर्चा चल रही थीं। इस घटनाक्रम ने महायुति के भीतर दिपके को लेकर चल रही सियासी खींचतान को और हवा दे दी है। दिपके और उनके परिवार के लोगों से मुलाकात को लेकर भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने कहा कि शिंदे ने संजय शिरसाट और बच्चू कडू को दिपके से मुलाकात के मुद्दे पर समझाया है, तो यह अच्छी बात है। दोनों ही नेताओं को खुद समझना चाहिए था कि वो दिपके से मिलने क्यों जा रहे हैं। दरेकर के बयान से साफ है कि भाजपा भी इस मामले में महायुति के भीतर समन्वय और अनुशासन बनाए रखने के पक्ष में है।

उद्धव ठाकरे के फोन के बाद बढ़ी थी चर्चा

अभिजीत की राजनीतिक अहमियत तब और बढ़ गई, जब उनके जंतर-मंतर आंदोलन के बाद शिवसेना (उद्धव) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उनसे फोन पर बातचीत की थी और उन्हें मातोश्री आने का निमंत्रण दिया था। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई थी कि दिपके को अपने साथ जोड़ने के लिए अलग-अलग राजनीतिक दल कोशिश कर सकते हैं।

विदेशी फंडिंग पर कस सकता है शिकंजा

इधर सीजेपी समेत कुछ अन्य संगठनों को कथित तौर पर विदेशी फंडिंग मिलने की शिकायतों के बाद राज्य सरकार का गृह विभाग सतर्क हो गया है। मामले में अब केंद्रीय एजेंसियों के साथ राज्य पुलिस की भूमिका भी सामने आ सकती है। प्रदेश के गृह राज्यमंत्री (शहर) योगेश कदम ने दैनिक भास्कर को बताया कि केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार को भी सीजेपी को विदेशी फंडिंग मिलने संबंधी शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच की जा सकती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत में इसका उल्लेख नहीं है कि कितनी रकम, किन देशों या किन संस्थाओं से मिली है।

Created On :   2 Aug 2026 9:59 PM IST

Tags

Next Story