बॉम्बे हाई कोर्ट: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रही दिशा सालियन की मौत मामले में मुंबई पुलिस की जांच पर उठाए सवाल

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रही दिशा सालियन की मौत मामले में मुंबई पुलिस की जांच पर उठाए सवाल
  • अदालत ने पूछा- क्यों दर्ज नहीं हुई एफआईआर
  • बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई पुलिस की जांच पर उठाए सवाल

Mumbai News. बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रही दिशा सालियन की मौत के मामले मुंबई पुलिस की जांच पर सवाल उठाए। अदालत ने पुलिस से पूछा कि 2020 में उनके पिता द्वारा मौत के हालात पर शक जताए जाने के बाद भी पुलिस ने एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की? न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की पीठ ने दिशा के पिता सतीश सालियन की याचिका पर सुनवाई के दौरान पीठ ने पूछा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रिहायशी इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बावजूद पीड़िता को कोई चोट कैसे नहीं आई? पुलिस द्वारा मामले को ‘एक्सीडेंटल डेथ' (दुर्घटना से हुई मौत) की जांच के तौर पर देखने के बजाय एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई? अगर कोई व्यक्ति (पीड़िता के पिता) मौत के हालात पर शक जताता है, तो पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और जांच करने से किसने रोका? सरकारी वकील शिशिर हिरे ने पीठ को बताया कि मामले को शुरू से ही ‘एक्सीडेंटल डेथ' माना गया था और दो बार जांच की गई थी। दोनों बार पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि यह आत्महत्या का मामला था। हिरे ने कहा कि इस बात की पुष्टि मामले में गवाहों के बयानों से भी हुई थी।

इस पर पीठ ने यह सवाल किया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह कैसे बताया गया कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद पीड़िता को कोई चोट नहीं आई थी। अगर कोई व्यक्ति 14वीं मंजिल से गिरता है, तो क्या उसके शरीर पर कोई चोट नहीं आएगी? सतीश सालियन के वकील नीलेश ओझा ने इस दावे का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जो शुरुआती तस्वीरें दिखाई थीं, उनमें ऐसी कोई चोट नहीं दिख रही थी? पुलिस ने बाद में सिर पर चोट दिखाने वाली ये तस्वीरें मनगढ़ंत तरीके से तैयार कीं।

पीठ ने याचिकाकर्ता को केस से जुड़े कुछ दस्तावेज नहीं देने पर पुलिस को फटकार भी लगाई। पुलिस के मुताबिक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इसलिए कोई जांच भी नहीं चल रही है। जब सिर्फ एक्सीडेंटल डेथ (दुर्घटना से मौत) की जांच हो रही है और पुलिस का मानना है कि यह आत्महत्या का मामला है, तो वे याचिकाकर्ता को कुछ सामान्य दस्तावेज देने से क्यों रोक रहे हैं? पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 अगस्त की तारीख तय की।

सतीश सालियन ने याचिका में अपनी बेटी की मौत की सीबीआई जांच और शिवसेना (उद्धव गुट) विधायक आदित्य ठाकरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है। याचिका में दावा किया गया है कि जून 2020 में दिशा सालियन रहस्यमय हालात में मृत पाई गई थीं। दिशा के साथ दुराचार कर उनकी हत्या की गई थी। इसके बाद कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए राजनीतिक साजिश के तहत मामले को दबाने की कोशिश की गई। दिशा सालियन 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में रिहायशी इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। इसके बाद शहर की पुलिस ने एडीआर दर्ज की थी। दिशा सालियन कुछ समय के लिए दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रही थीं। सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून 2020 को आत्महत्या कर ली थी।

Created On :   3 Aug 2026 10:14 PM IST

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