- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- मुंबई
- /
- जंतर-मंतर पर जेन जी के प्रदर्शन के...
2029 के चुनावों पर नजर: जंतर-मंतर पर जेन जी के प्रदर्शन के बाद एकनाथ शिंदे का अपने नेताओं को संदेश, युवाओं के मुद्दों पर अभी से काम करो

Mumbai News. दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन के बाद प्रदेश की राजनीति में भी जेन जी यानी युवा मतदाताओं को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ती नजर आ रही है। इसी कड़ी में शिवसेना (शिंदे) प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी पार्टी के नेताओं और पदाधिकारियों को युवाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए हैं। शिंदे ने संगठन को केवल चुनाव के समय युवाओं के बीच जाने के बजाय अभी से उनके साथ संवाद बढ़ाने और उनकी समस्याओं को समझने पर जोर दिया है। शिंदे के इस निर्देश को साल 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों की शुरुआती तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में युवा मतदाता चुनावी राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
जंतर-मंतर के आंदोलन ने बढ़ाई चिंता
दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं द्वारा किए गए प्रदर्शन ने राजनीतिक दलों का ध्यान एक बार फिर युवा वर्ग के मुद्दों की ओर खींचा है। परीक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं में बढ़ती नाराजगी ने राजनीतिक दलों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। यही वजह है कि अब महाराष्ट्र में भी युवाओं के साथ सीधे संवाद की रणनीति पर जोर दिया जा रहा है। शिंदे ने पार्टी नेताओं से कहा है कि युवाओं की समस्याओं को केवल सोशल मीडिया तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके बीच जाकर काम किया जाए।
यह भी पढ़े -मुंबई कलेक्ट्रेट में बड़ी सुरक्षा चूक, बंद गोडाउन से 3 हजार सरकारी रॉयल्टी रसीदें चोरी, पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी
रोजगार और शिक्षा पर फोकस
पार्टी संगठन को युवाओं के बीच रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास और नए अवसरों से जुड़े मुद्दे उठाने की दिशा में काम करने को कहा गया है। युवाओं में सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सबसे ज्यादा रुचि है। ऐसे में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और पेपर लीक जैसे मुद्दे सीधे युवा वोटरों को प्रभावित कर सकते हैं। जंतर-मंतर के आंदोलन में भी परीक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े सवाल प्रमुख रहे। ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए यह संकेत माना जा रहा है कि युवा मतदाता अब केवल पारंपरिक राजनीतिक मुद्दों पर वोट नहीं करेगा, बल्कि अपने भविष्य से जुड़े सवालों को भी प्राथमिकता देगा।
2029 के लिए अभी से संगठन मजबूत करने की रणनीति
शिंदे के निर्देश का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश 2029 के चुनावों से जुड़ा माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि युवा मतदाताओं के बीच संगठन की पकड़ अभी से मजबूत की जाए। इसके लिए कॉलेजों, रोजगार की तैयारी कर रहे युवाओं, स्टार्टअप और डिजिटल क्षेत्र से जुड़े युवाओं तथा पहली बार मतदान करने वाले वोटरों के साथ संवाद बढ़ाने पर जोर देने की वकालत की है। शिंदे का संदेश इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि युवाओं के बीच केवल चुनावी वादों के जरिए पहुंच बनाने के बजाय लगातार संपर्क बनाए रखा जाए। शिंदे का संदेश साफ है कि 2029 का चुनाव अभी दूर है, लेकिन युवा वोटरों की तैयारी अभी से शुरू करनी होगी।
Created On :   3 Aug 2026 10:05 PM IST
Tags
- Mumbai News
- Thane News
- Navi Mumbai News
- Mira-Bhayandar News
- Kalyan-Dombivli News
- Vasai-Virar News
- Ulhasnagar News
- Bhiwandi News
- Panvel News
- Ambernath News
- Badlapur News
- Karjat News
- Alibaug News
- Palghar News
- Dahanu News
- South Mumbai News
- Dadar News
- Bandra News
- Andheri News
- Borivali News
- Malad News
- Goregaon News
- Kandivali News
- Kurla News
- Ghatkopar News
- Mulund News
- Chembur News
- Powai News
- Colaba News
- Byculla News
- Parel News
- Worli News
- Lower Parel News
- Santacruz News
- Vile Parle News
- Jogeshwari News
- Bhandup News
- Vikhroli








