- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- मुंबई
- /
- एटीएस की रिपोर्ट और खुफिया इनपुट के...
बड़ा कदम: एटीएस की रिपोर्ट और खुफिया इनपुट के बाद आतंकवादी प्रोपेगंडा पर महाराष्ट्र सरकार की बड़ी कार्रवाई

Mumbai News. महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग ने राज्य की आंतरिक सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने की दिशा में एक अत्यंत कठोर और बड़ा कदम उठाया है। खुफिया एजेंसियों, साइबर-सरगर्मी और महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) की विस्तृत और गोपनीय जांच रिपोर्टों के आधार पर राज्य सरकार ने आईएसआईएस, अलकायदा और हिजबुल से जुड़े 114 कट्टरपंथी और चरमपंथी प्रकाशनों, किताबों, दस्तावेजों, तस्वीरों तथा अन्य प्रचार सामग्रियों को तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें जब्त करने के आदेश जारी किए हैं।
गृह विभाग द्वारा 6 अगस्त को जारी इस अधिसूचना के अनुसार, एटीएस के अपर पुलिस महानिदेशक ने 17 मार्च को सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में एटीएस ने चेतावनी दी थी कि राज्य में विभिन्न प्रकार के कट्टरपंथी साहित्य, डिजिटल नेटवर्क और पत्र-पत्रिकाओं का प्रसार जारी है। इस सामग्री का मुख्य उद्देश्य देश में उग्रवाद, जिहाद और चरमपंथी विचारधारा को महिमामंडित करना, युवाओं को भ्रमित कर उनका वैचारिक ब्रेनवॉश करना तथा आतंकवादी गतिविधियों के लिए नई भर्तियां करना है। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 152, 196, 197 और 299 के तहत दंडनीय अपराधों के दायरे में आती है। ये सभी सामग्रियां भारत की संप्रभुता, अखंडता और राज्य की सुरक्षा के लिए सीधा और गंभीर खतरा पैदा कर रही थीं। जांच में सामने आया है कि इन प्रतिबंधित 114 सामग्रियों का संबंध देश-विदेश में सक्रिय कई प्रमुख और कुख्यात आतंकवादी संगठनों से है। इनमें मुख्य रूप से इस्लामिक स्टेट, इस्लामिक स्टेट इन खुरासान प्रोविंस (आईएसकेपी), अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (अकिस) तथा हिजबुल मुजाहिद्दीन पीर पंजाल रेजिमेंट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 की पहली अनुसूची के तहत सूचीबद्ध अन्य प्रतिबंधित संगठनों का साहित्य भी इसमें शामिल है।
यह भी पढ़े -शिवसेना और चुनाव चिन्ह मामले में एकनाथ शिंदे बोले - फिर वही पुराना कैसेट बजा रहा उद्धव गुट
अधिसूचना के साथ संलग्न 114 मदों की विस्तृत सूची में बेहद संवेदनशील और खतरनाक प्रकाशन शामिल हैं। इनमें अल-अजैम मीडिया द्वारा प्रकाशित वॉइस ऑफ खुरासान' के कई अंक, द रिवोल्यूशनरी रीसर्जेंस, कश्मीर किफाह रेजिस्टेंस एंड करेज, द सोल ऑफ रेजिस्टेंस', नवाए गजवा-ए-हिंद, मॉडर्न वॉरफेयर और अल-नबा 481 प्रमुख हैं। इनके अलावा उस्ताद ओसामा महमूद द्वारा रचित बांग्लादेश द इमर्जिंग होप ऑफ सपोर्टिंग इस्लाम और द लिटिल मुवाहिदीन जैसी कृतियां भी शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे चिंताजनक बात यह थी कि इस साहित्य में सीधे तौर पर हथियार और हमले तैयार करने के तरीके सिखाए जा रहे थे।
सूची में द मुजाहिदीन पॉइज़न्स हैंडबुक, एक्सप्लोसिव्स बेसिक्स, पेट्रोल बम मैनुअल, हाउ टू मेक अ सुसाइड रॉकेट (जरकावी 1) जैसी खतरनाक गाइड बुक और हाउ टू स्टे एनोनिमस व सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस कोर्स जैसे डिजिटल मैनुअल शामिल हैं।कट्टरपंथ के इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए सरकार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 98(1) के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन सामग्रियों के भौतिक (प्रिंटेड) या डिजिटल रूप से प्रकाशन, प्रसार, बिक्री, प्रदर्शन, भंडारण या कब्जे को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है। संबंधित समाचार पत्रों, किताबों, चित्रों और दस्तावेजों की हर एक प्रति को अब राज्य सरकार द्वारा जब्त कर लिया जाएगा। डिजिटल माध्यमों, सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड चैनलों और वेबसाइटों पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है, ताकि देश के युवाओं को इन खतरनाक चरमपंथी विचारधाराओं के प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके।
यह भी पढ़े -मुंबई एयरपोर्ट पर एक्ट्रेस रानी स्वर्णकार के साथ नजर आए गोविंदा, उड़ने लगी अफेयर की अफवाह, जानें पूरा मामला
प्रमुख प्रतिबंधित सामग्रियों की सूची -
1.इस्लामिक स्टेट का प्रोपेगैंडा -
अल-अज़ैम मीडिया द्वारा प्रकाशित कुख्यात मैगज़ीन वॉइस ऑफ़ खुरासान के अंक 1 से लेकर 47 तक पूरी तरह प्रतिबंधित। इसके अलावा व्हाई शुड यू जॉइन द इस्लामिक स्टेट जैसी किताबें भी शामिल हैं।
2.अल-कायदा (अक़ीस) का साहित्य-
भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा की गतिविधियों से जुड़ी पत्रिका नवाई गज़वा ए हिन्द( वर्ष 2024 से 2026 तक के अंक) और मॉडर्न वारफेयर जैसे प्रकाशनों पर रोक लगा दी गई है।
3.हिज्बुल मुजाहिद्दीन और कश्मीर केंद्रित मैगज़ीन -
हिज्बुल मुजाहिद्दीन (पीर पंजाल रेजीमेंट) से संबंधित द रेवोल्यूशनरी रिसर्जेंस, कश्मीर किफ़ाह और द सोल ऑफ रेजिस्टेंस जैसी कट्टरपंथी पत्रिकाओं को भी ज़ब्त करने की सूची में डाला गया है।
4.हमले व विस्फोटक बनाने के खतरनाक मैनुअल -
इस सूची में सबसे संवेदनशील दस्तावेज़ वे हैं जो हिंसा फैलाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। इनमें पेट्रोल बम बनाने की विधि, केमिकल विस्फोटक (हाइड्रोजन पेरोक्साइड आधारित), सुसाइड रॉकेट बनाने के गाइड और द मुजाहिदीन पॉइज़ंस हैंडबुक शामिल हैं। साथ ही, डिजिटल दुनिया में पहचान छुपाकर काम करने की गाइड हाऊ टू स्टे एनोनिमस पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
एटीएस की नागरिकों से विशेष अपील और गोपनीयता का आश्वासन
1.किसी भी नागरिक को आतंकवाद या हिंसा को बढ़ावा देने वाले ऐसे किसी भी लेख, पोस्ट या डिजिटल सामग्री को न तो अपने पास रखना चाहिए और न ही इसे अन्य लोगों या ग्रुप्स में शेयर/फारवर्ड करना चाहिए।
2.यदि किसी व्यक्ति को इस प्रकार की राष्ट्रविरोधी सामग्री के प्रसार या इसकी भौतिक/डिजिटल प्रतियों की मौजूदगी के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत जांच एजेंसियों को सूचित करें।
3.एटीएस ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले नागरिक की पहचान और नाम पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा
Created On :   7 Aug 2026 10:09 PM IST
Tags
- Mumbai News
- Thane News
- Navi Mumbai News
- Mira-Bhayandar News
- Kalyan-Dombivli News
- Vasai-Virar News
- Ulhasnagar News
- Bhiwandi News
- Panvel News
- Ambernath News
- Badlapur News
- Karjat News
- Alibaug News
- Palghar News
- Dahanu News
- South Mumbai News
- Dadar News
- Bandra News
- Andheri News
- Borivali News
- Malad News
- Goregaon News
- Kandivali News
- Kurla News
- Ghatkopar News
- Mulund News
- Chembur News
- Powai News
- Colaba News
- Byculla News
- Parel News
- Worli News
- Lower Parel News
- Santacruz News
- Vile Parle News
- Jogeshwari News
- Bhandup News
- Vikhroli










