बांग्लादेश में डेंगू का कहर, 24 घंटे में 2249 नए मामले और सात मौतें

बांग्लादेश में डेंगू का कहर, 24 घंटे में 2249 नए मामले और सात मौतें
बांग्लादेश में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रविवार सुबह तक बीते 24 घंटों में 2,249 नए डेंगू मामलों की पुष्टि हुई, जो वर्ष 2026 में अब तक का सबसे अधिक एक दिन में सामने आए आंकड़ा है।

ढाका, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रविवार सुबह तक बीते 24 घंटों में 2,249 नए डेंगू मामलों की पुष्टि हुई, जो वर्ष 2026 में अब तक का सबसे अधिक एक दिन में सामने आए आंकड़ा है।

इसी दौरान डेंगू से सात लोगों की मौत भी हुई। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, ताजा आंकड़ों के बाद इस वर्ष बांग्लादेश में डेंगू के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,23,948 हो गई है, जबकि मृतकों की संख्या 384 तक पहुंच गई है।

यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश (यूएनबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, नई मौतों में ढाका नॉर्थ सिटी कॉरपोरेशन (डीएनसीसी) और मायमनसिंह डिवीजन में दो-दो लोगों की मौत हुई। वहीं, ढाका साउथ सिटी कॉरपोरेशन (डीएससीसी), खुलना और राजशाही डिवीजन में एक-एक मौत दर्ज की गई।

बांग्लादेश में डेंगू से हुई कुल मौतों में 52.8 प्रतिशत महिलाएं और 47.2 प्रतिशत पुरुष शामिल हैं।

डीजीएचएस के अनुसार, अब तक 1,17,400 डेंगू मरीज इलाज के बाद ठीक होकर अस्पतालों से घर लौट चुके हैं।

पिछले महीने बांग्लादेश के मत्स्य एवं पशुधन राज्य मंत्री सुल्तान सलाहुद्दीन टुकू ने चेतावनी दी थी कि आने वाले महीनों में ढाका और अन्य जिलों में डेंगू की स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने लोगों से अभी से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की थी।

टुकू ने कहा था, "आने वाले महीनों में डेंगू का खतरा और बढ़ सकता है, इसलिए सभी लोगों को अभी से जागरूक होने की जरूरत है।"

इस बीच, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू से बढ़ती मौतों के पीछे अस्पताल पहुंचने में देरी, उचित इलाज की कमी और जोखिम वाले मरीजों की अधिक संवेदनशीलता प्रमुख कारण हैं। कई मरीज तब चिकित्सा सहायता लेते हैं, जब उनकी स्थिति काफी गंभीर हो चुकी होती है।

ढाका के शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर एच.एम. नजरुल अहसान ने कहा कि हाल के दिनों में डेंगू से मौतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण पूरे देश में संक्रमण के मामलों में तेज वृद्धि है।

अहसान के अनुसार, डेंगू से होने वाली मौतों के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं: वायरस से जुड़े कारक, मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी कमजोरियां और उपचार से जुड़ी जटिलताएं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ मुश्तुक हुसैन ने डेंगू मरीजों के बेहतर उपचार के लिए प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं पर आधारित तीन-स्तरीय स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई है।

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