प‍श्‍चिम बंगाल नगरपालिका भर्ती घोटाला मामले में ईडी के सामने पेश हुए मदन मित्रा के बड़े बेटे स्वरूप

प‍श्‍चिम बंगाल नगरपालिका भर्ती घोटाला मामले में ईडी के सामने पेश हुए मदन मित्रा के बड़े बेटे स्वरूप
पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित करोड़ों रुपए के नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक मदन मित्रा के बड़े बेटे स्वरूप मित्रा गुरुवार को पूछताछ के लिए कोलकाता के साल्ट लेक स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय पहुंचे। ईडी इस मामले में उनसे पूछताछ कर रही है।

कोलकाता, 23 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित करोड़ों रुपए के नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक मदन मित्रा के बड़े बेटे स्वरूप मित्रा गुरुवार को पूछताछ के लिए कोलकाता के साल्ट लेक स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय पहुंचे। ईडी इस मामले में उनसे पूछताछ कर रही है।

विधायक के छोटे बेटे शुभोरूप मित्रा बुधवार को ईडी के ऑफिस में पेश हुए थे और इस मामले में पूछताछ का सामना किया था। गुरुवार को मदन मित्रा के बड़े बेटे स्वरूप पेश हुए।

ईडी ने इस मामले में मदन मित्रा की पत्नी अर्चना मित्रा को भी समन भेजा है और उनके भी इस हफ्ते केंद्रीय एजेंसी के ऑफिस में पेश होने की उम्मीद है। विधायक को ईडी ने पूछताछ का नोटिस भेजा है और वह 29 जुलाई को पूछताछ के लिए केंद्रीय एजेंसी के ऑफिस में पेश होंगे।

स्वरूप मित्रा दोपहर करीब 12.30 बजे कुछ फाइलें लेकर साल्ट लेक स्थित सीजीओ (केंद्रीय सरकारी कार्यालय) कॉम्प्लेक्स पहुंचे। उन्होंने ईडी के ऑफिस में जाने से पहले मीडियाकर्मियों को बताया कि वह बैंक से जुड़े कुछ दस्तावेज साथ लाए हैं जिन्हें अधिकारियों ने लाने के लिए कहा था।

ईडी के ऑफिस में जाते समय मीडियाकर्मियों ने स्वरूप से पूछा कि क्या किसी ने उन्हें किसी म्युनिसिपैलिटी में भर्ती के मकसद से कोई पैसा दिया था और क्या उनके खाते में कोई पैसा ट्रांसफर किया गया था।

स्वरूप मित्रा ने जवाब में कहा, "ऐसा कुछ नहीं हुआ था। ईडी अधिकारी मेरे बैंक खाते की जानकारी जानना चाहते थे। मैं वह जानकारी ले आया हूं। मैं अपने साथ 2013-14 से इनकम टैक्स रिटर्न की पूरी जानकारी भी लाया हूं।"

मदन मित्रा को मंगलवार को ईडी का नोटिस मिला था। इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों को मिली जानकारी के अनुसार, नॉर्थ 24 परगना जिले की टीटागढ़ नगरपालिका में कम से कम 125 लोगों को नकद या सोने के बदले नौकरी मिली थी। इस मामले में मदन मित्रा का नाम सामने आया।

मदन मित्रा हाल ही में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के अल्पसंख्यक गुट से पार्टी के बागी गुट में चले गए थे, जिसका नेतृत्व पार्टी से निकाले गए तृणमूल कांग्रेस विधायक रितब्रत बनर्जी कर रहे हैं।

13 जून को ईडी अधिकारियों ने मित्रा के दो घरों पर छापेमारी और तलाशी ली। एक घर दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर में और दूसरा शहर के उत्तरी बाहरी इलाके कमरहाटी में है। मित्रा कमरहाटी से तीन बार विधायक रहे हैं।जून में ही राज्य की राजधानी और उसके आसपास सात अन्य जगहों पर भी एक साथ छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए।

सीबीआई ने अक्टूबर 2025 में नगरपालिका भर्ती में गड़बड़ी के इसी मामले में मित्रा के घर पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया था।

सीबीआई ने पिछले हफ्ते कोलकाता की एक स्पेशल कोर्ट में चल रही जांच के सिलसिले में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस और उनके बेटे समुद्र बोस के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत चार्जशीट दायर की।

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Created On :   23 July 2026 3:13 PM IST

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