मध्य प्रदेश भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने पुलिस अधिकारी पर की गई टिप्पणी के लिए मांगी माफी

मध्य प्रदेश  भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने पुलिस अधिकारी पर की गई टिप्पणी के लिए मांगी माफी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने गुरुवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने के मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। इस मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश में विवाद बढ़ गया था।

भोपाल, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने गुरुवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने के मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। इस मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश में विवाद बढ़ गया था।

लोधी ने कहा कि जब पुलिस ने उनके बेटे को सार्वजनिक रूप से घुमाया, तो उन्हें गहरा दुख हुआ और भावनाओं में आकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुचित शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके लिए वे दिल से माफी मांगते हैं।

उनका यह बयान भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात के बाद आया।

लोधी ने कहा कि आगे से वे अपने शब्दों का ध्यान रखेंगे और पार्टी के दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे।

उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को अपना जवाब सौंप दिया है और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

एक दिन पहले हेमंत खंडेलवाल ने पिछोर के विधायक प्रीतम सिंह लोधी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में उनके व्यवहार को 'बेहद आपत्तिजनक और पार्टी अनुशासन के खिलाफ' बताया गया था और तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया था।

यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब लोधी का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे करेरा के एसडीओपी आयुष जाखड़ से बहस करते नजर आए और उनके अधिकार पर सवाल उठाते दिखे।

वीडियो में उन्होंने कहा कि करेरा उनके 'बाप की जागीर' नहीं है और उनका बेटा वहां आएगा और चुनाव लड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी में हिम्मत है तो उसे रोककर दिखाए।

उन्होंने बड़ी संख्या में समर्थकों को इकट्ठा कर अधिकारी के घर तक मार्च निकालने की चेतावनी भी दी थी, जिसके बाद उनके बयान की व्यापक आलोचना हुई।

यह मामला 16 अप्रैल को हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है, जिसमें लोधी के बेटे दिनेश लोधी पर आरोप है कि उन्होंने थार एसयूवी से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में दो महिलाएं और तीन पुरुष घायल हुए थे।

पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर वाहन को जब्त कर लिया था, जिसके बाद विधायक और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया।

इस मुद्दे पर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली। भारतीय पुलिस सेवा एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग की और इसे प्रशासनिक व्यवस्था का अपमान बताया।

वहीं, विपक्ष ने भी भाजपा पर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पार्टी पर गलत कामों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

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Created On :   23 April 2026 11:15 PM IST

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