रेवंत रेड्डी के ‘दूसरे दर्जे का नागरिक’ बयान पर भाजपा का हमला, बताया संविधान और भारत विरोधी
हैदराबाद, 7 जून (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के दक्षिण भारतीय राज्यों के लोगों को ‘दूसरे दर्जे का नागरिक’ नहीं बनने देने संबंधी बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने उनके बयान को संविधान विरोधी और भारत विरोधी बताते हुए कांग्रेस पर देश को विभाजित करने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने वीडियो बयान जारी कर कहा कि रेवंत रेड्डी आधुनिक दौर के जिन्ना की तरह व्यवहार कर रहे हैं और भारत को बांटने वाली भाषा बोल रहे हैं। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से सवाल किया कि वे इस बयान पर रेवंत रेड्डी के खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे।
शहजाद ने कहा कि कांग्रेस ने कभी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाली थी, लेकिन अब उसकी राजनीति ‘भारत तोड़ो’ जैसी हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान और भारत दोनों के खिलाफ काम कर रही है और देश को टुकड़ों में बांटने की सोच रखती है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि रेवंत रेड्डी यह संदेश दे रहे हैं कि उत्तर भारत से आने वाले राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को वह स्वीकार नहीं करना चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात से हैं, जो पश्चिम भारत में है, जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा से हैं, जो पूर्वी भारत का हिस्सा है। ऐसे में उत्तर-दक्षिण के नाम पर विभाजनकारी बयान देना दुर्भाग्यपूर्ण है।
शहजाद ने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं की ओर से इस तरह की भाषा पहली बार नहीं बोली गई है। उन्होंने कर्नाटक के कांग्रेस नेता डी.के. सुरेश और डीएमके नेताओं के पुराने बयानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल क्षेत्रीय और जातीय आधार पर देश को बांटने की राजनीति करते हैं।
भाजपा के एक अन्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी रेवंत रेड्डी के बयान की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस की ‘फूट डालो और राज करो’ की राजनीति सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पूरे देश का प्रतिनिधित्व करती हैं और उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी पूरे देश का अपमान है।
भंडारी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार में दक्षिण भारत को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिला है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के सभी क्षेत्रों को समान महत्व दिया जा रहा है।
दरअसल, रेवंत रेड्डी ने शनिवार को बेंगलुरु में ‘द हिंदू हडल’ कार्यक्रम के दौरान बातचीत में कहा था कि दक्षिण भारतीय राज्यों की राजनीतिक ताकत कम होने के कारण उन्हें दिल्ली में दूसरे दर्जे के नागरिक जैसा महसूस कराया जाता है। उन्होंने कहा था कि दक्षिण भारत के लोग कर चुकाते हैं, लेकिन राजनीतिक प्रतिनिधित्व में असंतुलन स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन (डिलिमिटेशन) की प्रक्रिया के जरिए इस असंतुलन को और बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
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Created On :   7 Jun 2026 7:45 PM IST












