माकपा नेता पर अंडे फेंकने की घटना पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने लिया स्वत संज्ञान, केस दर्ज करने का निर्देश

माकपा नेता पर अंडे फेंकने की घटना पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने लिया स्वत संज्ञान, केस दर्ज करने का निर्देश
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर जिला अदालत परिसर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता सायन बनर्जी पर हाल ही में अंडे फेंके जाने की घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला शुरू किया।

कोलकाता, 25 सितंबर (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर जिला अदालत परिसर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता सायन बनर्जी पर हाल ही में अंडे फेंके जाने की घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला शुरू किया।

मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे और जस्टिस ओम नारायण राय की खंडपीठ ने शुक्रवार दोपहर इस मामले पर सुनवाई की। अदालत ने रजिस्ट्रार जनरल को बिना देरी किए औपचारिक रूप से मामला दर्ज करने का निर्देश दिया।

खंडपीठ ने अधिवक्ता सैकत बनर्जी को मामले में एमिकस क्यूरी नियुक्त किया। एमिकस क्यूरी अदालत की सहायता करने वाला निष्पक्ष सलाहकार होता है। अदालत ने सायन बनर्जी के वकील सब्यसाची बनर्जी को भी मामले में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। सायन बनर्जी स्वयं भी पेशे से वकील हैं।

अदालत ने बारुईपुर पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक और संबंधित जिला न्यायाधीश से भी रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर के पहले सप्ताह में होगी। आगे कोई निर्देश देने से पहले अदालत इन रिपोर्टों और हलफनामे पर विचार करेगी।

कोर्ट ने इस घटना की कड़ी निंदा की। मुख्य न्यायाधीश घुगे ने कहा कि अगर अदालत परिसर के अंदर किसी वकील पर हमला हो सकता है तो भविष्य में दूसरे लोगों पर भी इस तरह के हमले हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं और इन्हें दोबारा होने से रोकना जरूरी है।

इस सप्ताह की शुरुआत में सायन बनर्जी स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं की ओर से पैरवी करने के लिए बारुईपुर अदालत पहुंचे थे। एसएफआई, माकपा की छात्र इकाई है। इन कार्यकर्ताओं को दक्षिण 24 परगना के भांगर कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के साथ हुई झड़प के बाद गिरफ्तार किया गया था।

सायन बनर्जी की दलीलें सुनने के बाद जिला अदालत ने गिरफ्तार एसएफआई कार्यकर्ताओं को जमानत दे दी। इसके बाद बनर्जी ने आरोप लगाया कि अदालत परिसर में मौजूद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद उन पर अंडे फेंके गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान उनके सहायकों पर हमला किया गया।

सायन बनर्जी ने बाद में आरोप लगाया कि माकपा के पद्मपुकुर पार्टी कार्यालय के सामने भी उन पर दूसरी बार अंडे फेंके गए।

इस घटना के बाद अदालत परिसरों की सुरक्षा को लेकर वकीलों के बीच चिंता बढ़ गई है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।

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Created On :   25 Sept 2026 6:20 PM IST

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