एलओसी के पास अंडरग्राउंड ऑपरेशन थिएटर में 220 लोगों की आंखों की रोशनी लौटी

एलओसी के पास अंडरग्राउंड ऑपरेशन थिएटर में 220 लोगों की आंखों की रोशनी लौटी
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास स्थित तंगधार क्षेत्र में चिकित्सा सेवा और मानवीय संवेदना की एक खास तस्वीर देखने को मिली। यहां संवेदनशील इलाके में बने भूमिगत ऑपरेशन थिएटर में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के विशेषज्ञों ने सिर्फ दो दिनों में 220 लोगों की आंखों की रोशनी लौटाने वाली सर्जरी की।

नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास स्थित तंगधार क्षेत्र में चिकित्सा सेवा और मानवीय संवेदना की एक खास तस्वीर देखने को मिली। यहां संवेदनशील इलाके में बने भूमिगत ऑपरेशन थिएटर में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के विशेषज्ञों ने सिर्फ दो दिनों में 220 लोगों की आंखों की रोशनी लौटाने वाली सर्जरी की।

इस शिविर में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ भी पहुंचे। शिविर का नेतृत्व दिल्ली छावनी स्थित सेना अस्पताल अनुसंधान एवं रेफरल के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख ब्रिगेडियर संजय कुमार मिश्रा ने किया। यह मेगा आई सर्जिकल कैंप ‘ऑपरेशन दृष्टि’ के तहत 24 और 25 सितंबर को आयोजित किया गया। यह इस श्रृंखला का 10वां शिविर था। तंगधार को इसलिए चुना गया क्योंकि यह नियंत्रण रेखा के बेहद करीब और गोलाबारी की आशंका वाला क्षेत्र है।

ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में भूमिगत ऑपरेशन थिएटर में अत्याधुनिक नेत्र सर्जरी करना अपने आप में विशेष प्रयास रहा। इन 220 सर्जरी में ज्यादातर मोतियाबिंद के ऑपरेशन शामिल थे। इसके अलावा जरूरत के अनुसार रेटिना से जुड़ी कुछ जटिल प्रक्रियाएं और कम चीरे वाली ग्लूकोमा सर्जरी भी की गईं।

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने यहां मरीजों से बातचीत की और उन्हें दवाइयां तथा उपहार वितरित किए। सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के महानिदेशक एयर मार्शल संदीप थरेजा ने भी शिविर का दौरा किया। उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्थानीय टीम के प्रयासों तथा उनकी उत्कृष्ट चिकित्सा क्षमता की सराहना की।

दिल्ली छावनी के ब्रिगेडियर संजय कुमार मिश्रा की टीम ने पहाड़ी और दुर्गम इलाके से अत्याधुनिक नेत्र सर्जरी के उपकरण तंगधार तक पहुंचाए। इनमें फेकोइमल्सीफिकेशन, विट्रियस-रेटिना और ग्लूकोमा सर्जरी से जुड़े उपकरण शामिल थे। इस शिविर का लाभ तंगधार और आसपास के दूरदराज के गांवों के लोगों को मिला। खावरपोरा, तंगदार, ताड़, बगबेला, यांगदार और आसपास की बस्तियों से मरीज जांच के बाद शिविर तक पहुंचे। लोगों को शिविर की जानकारी रेडियो रूह-ए-कर्नाह के प्रसारण के जरिए भी मिली।

भारतीय सेना ने मरीजों के पहुंचने से लेकर ऑपरेशन के बाद उनकी देखभाल और स्वस्थ होकर लौटने तक हर चरण में सहायता की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की परिकल्पना के तहत सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं द्वारा आयोजित इन मेगा नेत्र चिकित्सा शिविरों का दायरा अब काफी बढ़ चुका है।

अब तक 1.50 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है और 10 शहरों में 3,500 से अधिक सर्जरी की जा चुकी हैं। इस श्रृंखला का अगला यानी 11वां मेगा आई सर्जिकल कैंप 27 से 29 सितंबर तक श्रीनगर में आयोजित होगा।

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Created On :   25 Sept 2026 7:42 PM IST

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