'शुक्र है हम बिना वीजा के गोरखपुर जा सकते हैं', रवि किशन के 'स्पेन' वाले बयान पर चंद्रशेखर का तंज
गोरखपुर, 1 सितंबर (आईएएनएस)। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रवि किशन के 'गोरखपुर स्पेन जैसा लगता है' वाले बयान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि वे शुक्रगुजार हैं कि इस शहर में 'बिना वीजा' के घूमा जा सकता है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आलोचना की कि वे जिले की समस्याओं को हल नहीं कर पाए।
चंद्रशेखर आजाद एक तय कार्यक्रम के लिए मधुबन लोकसभा क्षेत्र जा रहे थे। पत्रकारों से बात करते हुए आजाद समाज पार्टी के प्रमुख ने कहा, "मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। पहले, नेपाल ही एकमात्र ऐसा देश था, जहां हम बिना वीजा या पासपोर्ट के जा सकते थे। लेकिन अब, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, यहां के लोगों को बताया जा रहा है कि गोरखपुर स्पेन बन गया है। जब मैं यहां आया, तो मुझे लगा कि स्पेन में घुसने के लिए मुझे वीजा की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन शुक्र है कि यहां ऐसी किसी चीज की जरूरत नहीं पड़ी।"
एम्स गोरखपुर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "मेरी जानकारी के अनुसार, अस्पताल में छह गेट होने के बावजूद, सिर्फ एक ही चालू है। कुछ दिन पहले खबर आई थी कि एक मरीज की जान चली गई क्योंकि उसे (एकमात्र चालू गेट से) लाने के लिए लंबा रास्ता अपनाना पड़ा। इमरजेंसी के मामलों में हर मिनट कीमती होता है, लेकिन यहां के हालात को देखते हुए लगता है कि यह जगह सिर्फ नाम से स्पेन बन गई है, क्योंकि सरकार नाम बदलने की आदी है।"
आजाद समाज पार्टी के प्रमुख ने कहा, "यहां हालात वैसे ही हैं, जैसे चार साल पहले थे। जलभराव की समस्या अभी भी बनी हुई है, जिससे जिंदगी थम सी गई है। लोग अभी भी साफ-सफाई और स्वच्छता की समस्याओं से जूझ रहे हैं। यह 'बहुत चिंताजनक' है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'काफी राशि' होने के बावजूद यहां के हालात नहीं बदल पाए।"
उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि वे (सीएम योगी) गोरखपुर के लोगों से नाराज हैं, इसलिए उन्हें पानी में डुबोकर रखना चाहते हैं।"
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "मुझे नहीं पता कि एयरपोर्ट का नाम स्पेन पर रखा जाएगा या किसी ब्रिटिश शासक के नाम पर।"
लोकसभा सांसद ने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश के लोगों की चिंता है, जहां बेरोजगारी के कारण युवा नौकरी की तलाश में पलायन कर रहे हैं। पेपर लीक की घटनाएं लगातार हो रही हैं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वालों को विरोध-प्रदर्शन से रोका जा रहा है। शिक्षा की खराब हालत और गिरता स्तर भी हमारे सामने है। मैं यह भी पूछना चाहता हूं कि क्या उत्तर प्रदेश में माफिया राज खत्म हो गया है? अगर खत्म हो गया है, तो क्या मुख्यमंत्री या डीजीपी अंकित की हत्या की जिम्मेदारी लेंगे?"
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Created On :   1 Sept 2026 6:25 PM IST












