अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के प्रमुख ने स्वच्छता को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के प्रमुख ने स्वच्छता को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) के निदेशक पीके प्रजापति ने रविवार को कहा कि स्वच्छता और साफ-सफाई हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी को स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) के निदेशक पीके प्रजापति ने रविवार को कहा कि स्वच्छता और साफ-सफाई हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी को स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

2 अक्टूबर को 'स्वच्छता ही सेवा' (एसएचएस) अभियान 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रजापति ने बताया कि एआईआईए के भाग लेने वाले सदस्यों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई।

अभियान के तहत, एआईआईए परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया और संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता और साफ-सफाई बनाए रखने, अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जिम्मेदार होने और स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ पर्यावरण को बनाए रखने में योगदान देने की शपथ ली। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

एआईआईए के स्वास्थ्यवृत्त और योग विभाग द्वारा आयोजित यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक 'स्वच्छता में सभा, स्वच्छ भारत, विकसित भारत' विषय के तहत चलाया गया।

अभियान का उद्देश्य संस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन की जिम्मेदारी, पर्यावरण जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना था।

समापन दिवस पर, कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय की डीन और निदेशक मंजुषा राजगोपाला, डीन रिसर्च राजगोपाला, एएमएस राजा राम महतो और संस्थान के संकाय सदस्य उपस्थित थे।

पखवाड़े भर चलने वाले इस अभियान में संकाय सदस्यों, पीएचडी शोधार्थियों, स्नातकोत्तर शोधार्थियों, कर्मचारियों, रोगियों और उनके परिचारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

अभियान के दौरान, अस्पताल के प्रतीक्षा क्षेत्रों में रोगियों और उनके परिचारकों के लिए अपशिष्ट पृथक्करण, घरेलू खाद निर्माण, रिड्यूस-रियूज-रीसाइक्ल (3आर) और एकल-उपयोग प्लास्टिक से बचने के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

श्रमदान गतिविधियों के अंतर्गत, संस्थान के कार्यालय परिसर और आंतरिक क्षेत्रों की सफाई की गई, जिससे स्वैच्छिक सेवा और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को बल मिला।

स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देने और सार्वजनिक स्थानों पर जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए परिसर के अंदर और आसपास के विभिन्न चिन्हित क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान भी चलाए गए।

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Created On :   4 Oct 2026 9:45 PM IST

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