बिहार विदेशियों ने गयाजी की आध्यात्मिक विरासत महसूस की, 48 श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान-तर्पण
गया, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। पितृपक्ष मेला 2026 में बिहार के गयाजी की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से आए श्रद्धालुओं को भी आकर्षित कर रही है। रूस, फ्रांस, जर्मनी, इटली, ब्राजील, यूक्रेन सहित विभिन्न देशों से पहुंचे 48 विदेशी पिंडदानियों ने गया जी में अपने पितरों का पिंडदान एवं तर्पण किया और यहां की धार्मिक परंपराओं, संस्कृति तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अनुभव लिया।
पिंडदान और तर्पण के बाद विदेशी श्रद्धालुओं ने रविवार को जिला प्रशासन के पदाधिकारियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने गया जी की आध्यात्मिक शांति, धार्मिक स्थलों की व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए प्रशासनिक प्रयासों की जमकर सराहना की।
विदेशी श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने विष्णुपद मंदिर, प्रेतशिला और अक्षयवट सहित विभिन्न महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर जाकर अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान एवं तर्पण किया। उनका कहना था कि इन धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद व्यवस्थाएं व्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।
उन्होंने भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि गया जी में उन्हें आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। पितृपक्ष मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन संस्कृति, परंपरा, आध्यात्मिकता और अतिथि सत्कार को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी है। यहां आने के बाद उन्हें भारतीय संस्कृति और स्थानीय लोगों के व्यवहार को करीब से समझने का मौका मिला।
विदेशी पिंडदानियों ने कहा कि गयाजी की धार्मिक परंपराओं को करीब से देखना उनके लिए बेहद अनूठा अनुभव रहा। उन्होंने यहां की पूजा-पद्धति, मंदिरों की प्राचीनता और स्थानीय लोगों की श्रद्धा को भारतीय संस्कृति की गहराई से जोड़ते हुए इसे यादगार आध्यात्मिक यात्रा बताया।
विदेशी पिंडदानियों ने मेला क्षेत्र में सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं की सहायता के लिए किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को काफी सुविधा मिल रही है। सहायक समाहर्ता नितेश गोयल ने कहा कि करीब 15 दिनों तक चलने वाला पितृपक्ष मेला देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है।
तीर्थयात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री द्वारा मेला व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा एवं मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा मेडिकल सुविधा, भीड़ प्रबंधन, यातायात, स्वच्छता, सुरक्षा, खोया-पाया केंद्र और श्रद्धालुओं की सहायता समेत सभी प्रमुख क्षेत्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं।
मेला क्षेत्र के विभिन्न सेक्टरों में तैनात पदाधिकारी और कर्मी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। इस अवसर पर सहायक समाहर्ता ने विदेशी पिंडदानियों को गंगाजल और गया-बोधगया की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को दर्शाने वाली कॉफी टेबल बुक भेंट की। विदेशी श्रद्धालुओं ने कहा कि वे गया जी में मिले अनुभवों को अपने देशों में साझा करेंगे और लोगों को यहां की आध्यात्मिक परंपरा तथा भारतीय संस्कृति के बारे में बताएंगे।
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Created On :   4 Oct 2026 10:05 PM IST











