विधान परिषद चुनाव: बागी उम्मीदवारों से बोले फडणवीस- नाम वापस लें, पार्टी ने जिन्हें टिकट दिया वही लड़ें

बागी उम्मीदवारों से बोले फडणवीस- नाम वापस लें, पार्टी ने जिन्हें टिकट दिया वही लड़ें
  • विधान परिषद चुनाव में भाजपा तीनों सीटें जीतने का दावा
  • तीनों उम्मीदवारों की स्थिति मजबूत

डिजिटल डेस्क, नागपुर। विधान परिषद चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद बगावत करने वाले नेताओं को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाम वापस लेने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सभी सीटों पर सक्षम उम्मीदवार उतारे हैं। जिन्हें पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है, उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए और जिन्हें टिकट नहीं मिला, उन्हें पीछे हट जाना चाहिए। उन्होंने यह संकेम भी दिये कि बागी नेताओं से बातचीत कर उन्हें मनाया जाएगा। रविवार को महल स्थित सीनियर भोसला पैलेस के मस्कऱ्या गणपति मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे फडणवीस ने मीडिया से बातचीत की । विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के बाद सामने आई बगावत पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पार्टी ने बेहद सक्षम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।

भाजपा विधान परिषद की तीनों सीटों पर जीत हासिल करेगी, बाकी दो सीटों पर सहयोगी दलों के उम्मीदवार विजयी होंगे।

तीनों उम्मीदवारों की स्थिति मजबूत

पुणे स्नातक सीट से डॉ. स्मिता जाधव और पुणे शिक्षक सीट से कौस्तुभ गावंडे को पार्टी में प्रवेश कराकर उम्मीदवार बनाए जाने के सवाल पर फडणवीस ने कहा कि डॉ. स्मिता जाधव का सामाजिक कार्य अच्छा रहा है और वे मजबूत उम्मीदवार हैं। वहीं, कौस्तुभ गावडे ने शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है। नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व विधायक सुधाकर कोहले की उम्मीदवारी का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा कि वे भी योग्य उम्मीदवार हैं और एक साल से अधिक समय से इस निर्वाचन क्षेत्र में सक्रिय हैं। इसलिए पार्टी के तीनों उम्मीदवार सक्षम हैं।

उद्धव-राज के मोर्चे पर निशाना

उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के नेतृत्व में विपक्षी दलों द्वारा निकाले गए मोर्चे पर फडणवीस ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह मोर्चा विपक्ष की खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश जैसा था। मोर्चे को जनता का ज्यादा समर्थन नहीं मिला, यह सभी ने देखा है। विपक्ष द्वारा महाराष्ट्र के चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों पर कहा कि ये आरोप गलत हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर भी जवाब

फडणवीस ने कहा कि विपक्ष चुनाव में हार के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर को जिम्मेदार ठहरा रहा है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में हुए थे, जबकि ज्ञानेश कुमार 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने और एसआईआर की प्रक्रिया 2026 में शुरू हुई। ऐसे में इन दोनों को 2024 के चुनाव परिणाम से जोड़ना तर्कसंगत नहीं है।

Created On :   4 Oct 2026 10:17 PM IST

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