लापरवाही से हादसा: विमानतल रनवे के पास बड़ा हादसा, 40 फीट लंबा और 6 सौ किलो वजनी गेट गिरने से गार्ड की मौत, ट्रेनी गंभीर

  • दबने से गार्ड की मौत, ट्रेनी गंभीर
  • गेट खोलते ही बिगड़ा संतुलन, दोनों नीचे दबे
  • परिवार को हर संभव मदद करेगी कंपनी

डिजिटल डेस्क, नागपुर. मिहान स्थित इंडामर टेक्निक्स के विमान हैंगर में शनिवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। करीब 600 किलो वजनी और 40 फीट लंबे हैंगर का गेट खोलते समय अचानक संतुलन बिगड़ गया। भारी गेट दो लोगों पर आ गिरा। हादसे में सुरक्षा गार्ड कैलास चाफेकर (42) की मौत हो गई, जबकि 21 वर्षीय ट्रेनी छात्र अरमान प्रधान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले एम्स में भर्ती कराया गया। बाद में हालत गंभीर होने पर ऑरेंज सिटी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। हादसा शनिवार सुबह करीब 11 बजे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल के रनवे के पास स्थित इंडामर टेक्निक्स के एमआरओ हैंगर में हुआ। जानकारी के मुताबिक, एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान (वीटी-आईआईएल) मरम्मत के बाद हैंगर से बाहर निकालकर रनवे की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान हैंगर का गेट खोला जा रहा था।

गेट खोलते ही बिगड़ा संतुलन, दोनों नीचे दबे

बताया जा रहा है कि गेट का भारी वजन होने के चलते गेट खोलने में सामान्य तौर पर 5-6 लोगों की जरूरत पड़ती थी। शनिवार को एयर इंडिया के विमान को जल्द रनवे की ओर भेजना था। इसी दौरान सुरक्षा गार्ड कैलास चाफेकर गेट खोलने में जुटे। उनके साथ ट्रेनी छात्र अरमान प्रधान भी मदद करने लगा। दोनों ने गेट का एक हिस्सा खींचकर खोलने का प्रयास किया। इसी दौरान भारी ढांचा अपना संतुलन खो बैठा और दोनों के ऊपर गिर गया। हादसे के बाद एमआरओ परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद कर्मचारियों ने दोनों को बाहर निकाला। निजी वाहन से एम्स अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने कैलास को मृत घोषित कर दिया। अरमान की हालत गंभीर बताई गई। स्थित नाजुक होते ही शाम 4 बजे के करीब उसके शहर के ऑरेंज सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां उसकी हालत स्थिर है।

एक महीने से बंद था ऑटोमेटिक सिस्टम : प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गेट पहले ऑटोमेटिक सिस्टम से खुलता-बंद होता था। लेकिन करीब एक महीने से सिस्टम खराब था। गेट को मैनुअल तरीके से खोला जा रहा था। भारी गेट को खोलने के लिए सामान्य तौर पर 5-6 कर्मचारियों की जरूरत पड़ती थी। गेट की खराबी की शिकायत करीब 15 दिन पहले वरिष्ठ अधिकारियों से भी की गई थी। शनिवार को विमान को समय पर हैंगर से बाहर निकालने की प्रक्रिया के दौरान गेट खोलने का काम कैलास और अरमान कर रहे थे। इसी दौरान हादसा हो गया।

जिस दिन छुट्टी थी, उसी दिन ड्यूटी पर बुलाया : मृतक कैलास चाफेकर हिंगना तहसील के देवली-सावंगी गांव के रहने वाले थे। वह ग्रुप-7 गार्ड एजेंसी के माध्यम से इंडामर टेक्निक्स में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे थे। परिजनों के मुताबिक, करीब एक महीने पहले ही उनकी यहां ड्यूटी लगी थी। परिवार का दावा है कि शनिवार को कैलास की छुट्टी थी, इसके बावजूद उन्हें काम पर बुलाया गया था। उन्हें हैंगर गेट की ड्यूटी दी गई थी। कैलास अकेले कमाने वाले थे। उनके परिवार में बुजुर्ग माता-पिता और 10 साल की बेटी है। परिजनों के मुताबिक, करीब पांच साल पहले इसी तारीख के आसपास उनकी पत्नी की भी मौत हो गई थी। अब पिता का भी साया उठ गया है। परिजनों ने इंडामर टेक्निक्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की है। साथ ही बच्ची की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने की मांग भी की है।

तीन महीने की ट्रेनिंग के लिए आया था अरमान : हादसे में घायल अरमान प्रधान (21) मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है। वह भोपाल के एसएआर-शिब कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी का छात्र है। तीन महीने की ट्रेनिंग के लिए वह नागपुर आया था। 7 सितंबर को ही इंडामर टेक्निक्स से जुड़ा था। हादसे के तुरंत बाद उसे एम्स ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण बाद में उसे ऑरेंज सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना उसके परिजनों को दे दी गई है।

पुलिस ने पंचनामा किया, कंपनी भी कर रही जांच : हादसे की सूचना मिलने के बाद सोनेगांव पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, इंडामर टेक्निक्स की ओर से भी हादसे के कारणों की आंतरिक जांच किए जाने की जानकारी है।

आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज : घटना की सूचना और शिकायत के आधार पर सोनेगांव थाने के उपनिरीक्षक विक्रांत कारटकर के माध्यम से आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

परिवार को हर संभव मदद करेगी कंपनी

योगेंद्र कुमार, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, इंडामर टेक्निक्स का कहना है कि हैंगर का गेट खोलते समय यह हादसा हुआ। गेट को ऑटोमेटिक और मैनुअल, दोनों तरीकों से खोला जा सकता है। गेट खोलते समय अधिक बल लगने के कारण वह बाहर की ओर आ गया और वहां मौजूद दो लोगों पर गिर गया। हादसे में एक सुरक्षा गार्ड की मौत हुई है, जबकि घायल ट्रेनी छात्र का इलाज जारी है। हम उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मृतक के परिवार को कंपनी की ओर से हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

लापरवाही से हादसा

परिजन रोशन वराड़कर ने बताया कि कैलास की छुट्टी थी, इसके बावजूद उसे ड्यूटी पर बुलाया गया था। अगर गेट में पहले से कोई खराबी थी तो उसे ठीक क्यों नहीं कराया गया? हादसे में गंभीर लापरवाही सामने आई है। सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान नहीं दिया गया। कैलास ही हमारे परिवार में कमाने वाला था। करीब पांच साल पहले उसकी पत्नी की भी मौत हो चुकी है। अब उसकी 10 साल की बेटी के सिर से भी पिता का साया उठ गया है। हमारी मांग है कि बच्ची की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाने के साथ परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।


Created On :   4 Oct 2026 7:29 PM IST

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